राजधानी दिल्ली में यमुना किनारे की झुग्गी कॉलोनी बेला एस्टेट बीते तीन दिनों से चर्चा में है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यहां का दौरा किया था और उन लोगों से बातचीत की थी, जिनके नाम वोटर लिस्ट से SIR प्रोसेस के तहत हटाए गए हैं. लेकिन चुनाव आयोग की इस कार्रवाई के बाद बेला एस्टेट में सिर्फ 1 वोटर रह गया है और 728 लोगों में से 727 नाम कट गए हैं.
मंदिर के महंच कंचन गिरी ही इकलौते वोटर
इसके बाद से वह एक वोटर चर्चा में था कि आखिर वह कौन है और सिर्फ अकेले उसका ही नाम कैसे बचा? इस बारे में प़ड़ताल करने पर सामने आया है कि 728 लोगों में से बचे सिर्फ एक वोटर असल में यहां मौजूद मंदिर के महंत कंचन गिरी हैं. बेला एस्टेट में पहले झुग्गी बस्ती थी, लेकिन बस्ती के शिफ्ट होने के बाद वहां एकमात्र मंदिर ही अस्तित्व में बचा है. इसी वजह से इस इलाके की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में भी अब सिर्फ मंदिर के महंत का नाम दर्ज है.
इलाके में बचा सिर्फ हनुमान मंदिर
सामने आई मतदाता सूची के मुताबिक, यह इलाका चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. वोटर लिस्ट में सेक्शन का नाम '2-J J Bela Estate Vijay Ghat' दर्ज है. इस सेक्शन में मतदाता क्रमांक एक पर महंत कंचन गिरी का नाम है. मतदाता सूची में उनके पिता के नाम की जगह 'चेला महंत मुनेश्वर गिरी' दर्ज है, जबकि हाउस नंबर के कॉलम में 'हनुमान मंदिर' लिखा हुआ है. सूची में महंत कंचन गिरी की उम्र 34 साल दर्ज है.
दूसरी जगह शिफ्ट हुई बस्ती
इस तरह बेला एस्टेट की बस्ती के दूसरी जगह शिफ्ट हो जाने के बाद यहां का चुनावी नक्शा भी बदल गया है. जिस इलाके में पहले बस्ती हुआ करती थी, वहां अब मंदिर बचा है और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उस मंदिर के महंत ही अकेले मतदाता के रूप में दर्ज हैं. यानी बेला एस्टेट की इस ड्राफ्ट मतदाता सूची में फिलहाल एक नाम, एक मतदाता और उसका पता हनुमान मंदिर है.
बता दें कि हाल ही में राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर SIR को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. वह यमुना किनारे स्थित एक झुग्गी इलाके में पहुंचे थे. इस इलाके को बेला एस्टेट नाम से जाना जाता है. राहुल गांधी ने कहा कि इस इलाके में SIR के बाद सैकड़ों लोगों के वोट कट गए और सिर्फ एक ही वोटर बचा.
बेला एस्टेट पहुंच कर क्या बोले राहुल गांधी?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना वीडियो शेयर किया था. उन्होंने बताया कि यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं. SIR के बाद वोटर लिस्ट में केवल एक नाम बचा है, बाकी 727 नाम काट दिए गए हैं. यहां घर तोड़ दिए गए थे, उन्होंने एसडीएम से इस बारे में कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि 'हाउस नंबर 0' बेघरों के लिए है, इसके बावजूद लोगों के नाम काट दिए गए.
लोगों ने क्या बताया ?
लोगों ने बताया कि वह यहां दशकों से रह रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके हैं. 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे, लेकिन ये कहीं नहीं गए. इस दौरान उन्होंने एसडीएम को फोन करके कहा- 'मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है, CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि 'हाउस नंबर 0' बेघरों के लिए है. फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया.'
चुनाव आयोग की सफाई?
वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने सफाई दी है. चुनाव आयोग ने कहा है कि बेला एस्टेट मामले में पुराने PS नंबर 33 की वोटर लिस्ट की जांच की गई. ज्यादातर मामलों में मतदाताओं के पते 'एग्रीकल्चर' के तौर पर दर्ज थे, जबकि कुछ ही मतदाताओं के घर के नंबर मौजूद थे. चुनाव आयोग ने कहा है कि जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं, वे 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' की धारा 19 के तहत जरूरी योग्यताएं पूरी करने पर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. फाइनल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए 31 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं.
संजय शर्मा