लोकसभा से बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पारित हो गया है. लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में करीब 10 घंटे तक मैराथन चर्चा चली. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में इस बिल पर हुई चर्चा का जवाब दिया और इसके बाद विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनिमत से इस बिल को पारित कर दिया गया.
.ये बिल पारित होने पर गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर छात्रों को बधाई दी है. इस बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में तेजी से कार्रवाई की. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों के भी जवाब दिए और कहा कि प्रोटेस्ट पर गोली चली ही नहीं, तो ऑर्डर किसने दिया ये सवाल ही पैदा नहीं होता.
डॉक्टर सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनको संसदीय परंपराओं और प्रशासनिक कार्यों की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री कभी विदेश गए ही नहीं. गृह मंत्री के काफिले में 20 गाड़ियां नहीं हैं. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी ने कहा कि 150 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं हुईं और इनसे 750 करोड़ से अधिक बच्चे प्रभावित हुए. इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई.
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी शायद यह बोलना भूल गईं कि इन मामलों में 52 एफआईआर भी हुई है. उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक की वजह से छात्रों के सुसाइड के मामलों में कमी आई है. डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन विधेयक दिखाता है कि सरकार अपने अनुभवों से सीखने को तैयार है. उन्होंने केसी वेणुगोपाल के स्कूल बंद करने वाले बयान पर कहा कि हमारी सरकार के दौरान उच्च शिक्षा के अवसरों में 30 फीसदी इजाफा हुआ है.
जवाब के दौरान विपक्ष का हंगामा
डॉक्टर जितेंद्र सिंह जब चर्चा का जवाब दे रहे थे, लोकसभा में विपक्षी सांसद वेल में आकर जोरदार नारेबाजी कर रहे थे. विपक्षी सांसद गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आकर छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर स्थिति साफ करने की मांग कर रहे थे. विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच ही डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने जवाब पूरा किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण बिल पर हमें रचनात्मक सुझावों की उम्मीद थी, लेकिन राजनीति हो रही है.
राहुल गांधी के बयान पर हंगामा
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिल पर चर्चा के दौरान बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कुछ ऐसा कह दिया जिस पर सत्तापक्ष के सांसद भड़क गए. ट्रेजरी बेंच से हुए हंगामे के कारण राहुल गांधी अपनी स्पीच पूरी नहीं कर पाए. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे नहीं चलेगा कि आप कुछ भी बोलकर निकल जाएंगे.
राजनाथ बोले- राहुल को सुना जाए
लोकसभा में सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की स्पीच से असंसदीय शब्दों को चेयर से निकालने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को सुना जाए. हालांकि, ट्रेजरी बेंच के सांसद बयान वापस लेने या माफी मांगने की अपनी मांग पर अड़े रहे और राहुल गांधी की स्पीच पूरी नहीं हो पाई. स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
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लोकसभा की कार्यवाही जब तीसरी बार शुरू हुई, तब भी राहुल गांधी के बयान पर हंगामा शुरू हो गया. चेयर से काकोली घोष दस्तीदार ने कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अमित शाह के साथ बैठक की. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला और किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के साथ भी बातचीत की, लेकिन चर्चा शुरू नहीं हो सकी.
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शाम तीन बजे जब चौथी बार कार्यवाही शुरू हुई, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा का जवाब देने के लिए डॉक्टर जितेंद्र सिंह का नाम ले लिया. डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच चर्चा का जवाब दिया.
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