जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ. वहीं, यूपी में योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 13 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इन खबरों के अलावा, यूपी कैबिनेट की बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. पढ़ें मंगलवार शाम की बड़ी खबरें.
फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट पर लगेगी लगाम, संसद से पास विधेयक, जानिए नया नियम
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026 राज्यसभा में पारित हो गया है. लोकसभा से यह विधेयक 31 जुलाई को ही पारित हो चुका था. अब ये बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है. इस बिल मकसद जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, ताकि इन प्रमाणपत्र बनवाने आने वाली खामियों पर रोक लगाई जा सके.
भारत में 18 साल के युवा भी बन सकेंगे किसी कंपनी के बॉस! कानून में बदलाव का प्रस्ताव
भारत के कंपनी कानून में बड़े बदलाव के संकेत हैं. संसद की एक समिति ने मैनेजिंग डायरेक्टर और व्होल-टाइम डायरेक्टर बनने की न्यूनतम उम्र 21 से घटाकर 18 साल करने की सिफारिश की है. वहीं, अधिकतम उम्र सीमा 70 से बढ़ाकर 75 साल करने का सुझाव दिया गया है. बदलाव लागू होने पर भारत अमेरिका, सिंगापुर, जर्मनी जैसे देशों की सूची में शामिल हो जाएगा.
जुपिटर वैगन्स ने इटली की कंपनी से मिलाया हाथ, भारत में बनाएगी रेल व्हील और एक्सल
जुपिटर वैगन्स लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि उसने इटली की लुचिनी आरएस होल्डिंग एसपीए के साथ रणनीतिक साझेदारी की है. इसका मकसद एक इंटीग्रेटेड रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करना है. इस समझौते के तहत लुचिनी आरएस, जुपिटर टाट्रावागोंका रेलव्हील फैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी.
विपक्ष करता रहा हंगामा, लोकसभा ने पास कर दिया ये अहम बिल, ध्वनिमत से हुई वोटिंग
विपक्षी सांसदों के हंगामे और नारेबाज़ी के बीच लोकसभा ने द एप्रोप्रिएशन बिल, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. विरोध जारी रहने पर स्पीकर ने विधेयक को वोटिंग के लिए रखा. इस बिल से सरकार को भारत की संचित निधि से मंज़ूर वित्तीय आवंटन निकालकर सरकारी खर्चों के लिए इस्तेमाल करने का कानूनी अधिकार मिलता है.
जिसने लाखों छात्रों के शिक्षा को दी दिशा, कह गए दुनिया को अलविदा, कौन हैं पद्म श्री डीवाई पाटिल?
भारत के जाने माने शिक्षाविद और बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ डीवाई पाटिल का मंगलवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित उनके घर पर 90 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन के साथ देश ने शिक्षा जगत की एक ऐसी शख्सियत को खो दिया, जिन्होंने लाखों छात्रों के भविष्य को नई दिशा दी.
योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 13 IAS अफसरों का ट्रांसफर, 4 मंडलों को मिले नए कमिश्नर
यूपी में योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 13 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इस फेरबदल के जरिए राज्य सरकार ने चार प्रमुख मंडलों प्रयागराज, बरेली, बस्ती और गोरखपुर में नए मंडलायुक्तों की नियुक्ति की है. इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विभागों, विकास प्राधिकरणों और निगमों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है.
सीएम योगी की तस्वीर लेकर सदन में पहुंचे सपा विधायक सचिन यादव, पूरे सत्र के लिए हुए निलंबित
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर विरोध करने वाले समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की कई अपीलों और चेतावनी के बावजूद प्रदर्शन जारी रखने पर मार्शल को बुलाकर सचिन यादव को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया गया.
कॉमनवेल्थ गेम्स से पाकिस्तानी बॉक्सर गायब, होटल में छोड़ा पासपोर्ट, घिरा फेडरेशन
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के खत्म होते ही पाकिस्तानी बॉक्सर कुदरतुल्लाह के टीम होटल से गायब हो गए. इससे पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन जांच और सवालों के घेरे में है. ये तब हुआ जब कुदरतुल्लाह का पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास था. हालांकि ये पहली बार नहीं हुआ, जब कोई पाकिस्तानी बॉक्सर इस तरह से गायब हुआ हो, पहली भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
टीम इंडिया के दो कोचों की विदाई, गौतम गंभीर के साथ सफर खत्म, BCCI ने दी भावुक विदाई
बी सी सी आई ने टीम इंडिया से विदा हो रहे असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और फील्डिंग कोच टी दिलीप को भावुक अंदाज़ में धन्यवाद दिया. बोर्ड ने दोनों के योगदान को टीम की सफलता में अहम बताया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. रयान टेन डोशेट जुलाई 2024 में टीम से जुड़े थे, जबकि टी दिलीप 2021 से फील्डिंग कोच थे.
मदरसों में कामिल-फाजिल डिग्री की मान्यता होगी खत्म, योगी सरकार का बड़ा फैसला
यूपी कैबिनेट की बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. अब प्रदेश के मदरसे कामिल फाजिल डिग्री नहीं दे सकेंगे. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लिया गया है. अब कामिल और फाजिल डिग्रियों को UGC से मान्यता प्राप्त नहीं है. इन डिग्रियों की मान्यता समाप्त करने की तैयारी की गई है.
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