भारत मेजबान, पुतिन-जिनपिंग मेहमान... BRICS समिट पर क्यों टिकीं दुनिया की नजरें

भारत 12-13 सितंबर को दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत 11 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे. इस सम्मेलन पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं.

Advertisement
मौजूदा BRICS समिट पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हो रही है (File Photo- ITG) मौजूदा BRICS समिट पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हो रही है (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:14 PM IST

भारत में कूटनीति का महामंच सजने वाला है. 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में होने जा रहे 18वें BRICS समिट की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. समिट में शामिल होने आ रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 11 सितंबर को द्विपक्षीय वार्ता भी होनी है. समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हो रहे हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि कर दी है. ब्रिक्स समिट में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी शामिल हो रहे हैं. 

Advertisement

11 देशों के ब्रिक्स फोरम के इस शिखर सम्मेलन पर सबकी नजरें टिकी हैं. कारण, पश्चिम एशिया का युद्ध अभी जारी है और भारत के निगोशिएटर्स इस ब्रिक्स समिट से दुनिया के लिए एक सकारात्मक संदेश पहुंचाने की कोशिशें कर रहे हैं. 

मोदी-पुतिन और मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर नजर

भारत में ब्रिक्स समिट के दौरान ईरान, UAE और सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व पश्चिम एशिया के नजरिये से बेहद अहम हो सकता है. हाल में SCO समिट में पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के सामने कहा था दुनिया को Endless War से End of War की ओर बढ़ना होगा. उधर, ब्रिक्स समिट के दौरान रूस और चीन के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को भी और मजबूती मिल सकती है. 

भारत की धरती पर हो रहा 18वां ब्रिक्स समिट दुनिया में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का मंच बनने वाला है. भारत की अध्यक्षता वाले समिट में मेजबान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे तो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खास मेहमान बनेंगे. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के सैकड़ों प्रतिनिधि BRICS के जरिये दुनिया की नई राह तय करने की कोशिश करने वाले हैं. 

Advertisement

2025 में BRICS अध्यक्षता हासिल करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमारा लक्ष्य BRICS को नए सिरे से परिभाषित करना होगा. जिस तरह हमने अपनी G-20 अध्यक्षता के दौरान समावेशिता को बढ़ावा दिया और ग्लोबल साउथ की चिंताओं को एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता दी, उसी प्रकार BRICS की अध्यक्षता के दौरान भी हम इस मंच को जन-केंद्रित दृष्टिकोण और ‘मानवता सर्वोपरि’ की भावना के साथ आगे बढ़ाएंगे.

पश्चिम एशिया के लिहाज से भी अहम सम्मेलन

मौजूदा BRICS समिट पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हो रही है, जिसमें ईरान के अलावा सऊदी अरब, और UAE शामिल हो रहे हैं. उधर, भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल है जो रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने और शांति के प्रयासों के लिए एक साथ दोनों देशों के साथ संपर्क रख सकता है. SCO समिट में युद्ध के खिलाफ दिया गया प्रधानमंत्री मोदी का संदेश दुनिया में गूंज रहा है.

भारत में तीसरी बार होने जा रहा ब्रिक्स समिट

2012 में भारत पहली बार ब्रिक्स का मेजबान बना था. मोदी सरकार के समय ये तीसरा मौका है, जब BRICS समिट भारत में हो रही है. 2016 और 2021 का भी मेजबान भारत था. 2021 के कोविड संकट काल के बाद 2026 में वैश्विक तनाव के बीच भारत फिर नेतृत्व करने वाला बना है. 2026 में भारत मंडमप में हो रही समिट के लिए दिल्ली में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए जा रहे हैं. 100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात होंगे . सुरक्षा के लिए एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें भी लगाई गई हैं. ट्रैफिक के लिए भी खास इंतजाम है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »