'हमारा चुनाव चिह्न चोरी हुआ, गली-गली जाकर सबको बताइए', समर्थकों से बोले उद्धव ठाकरे

शिवसेना पर कब्जे की लड़ाई चुनाव आयोग में हारने के बाद उद्धव ठाकरे ने अपने गुट के नेताओं के साथ मातोश्री में बड़ी बैठक की. उद्धव ने बैठक के बाद मातोश्री के बाहर जुटे समर्थकों को संबोधित करते हुए गली-गली जाकर ये बताने का संदेश दिया कि हमारा चुनाव चिह्न चोरी हो गया. उन्होंने शिंदे गुट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. 

Advertisement
उद्धव ठाकरे (फाइल फोटोः इंडिया टुडे) उद्धव ठाकरे (फाइल फोटोः इंडिया टुडे)

पारस दामा

  • मुंबई,
  • 18 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 3:13 PM IST

उद्धव ठाकरे के हाथ से अपने ही पिता की बनाई पार्टी शिवसेना का नाम और निशान फिसल चुका है. चुनाव आयोग ने पार्टी पर कब्जे की जंग में अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है. चुनाव आयोग में लड़ी गई शिवसेना के नाम और निशान की जंग में जीत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को मिली है. उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर शनिवार को अपने गुट के नेताओं के साथ बड़ी बैठक की.

Advertisement

उद्धव ठाकरे ने अपने गुट के नेताओं के साथ बैठक के बाद मातोश्री के बाहर बड़ी तादाद में जुटे समर्थकों को भी संबोधित किया. उन्होंने समर्थकों से भावुक अपील की और एकनाथ शिंदे गुट को खुली चुनौती भी दी. उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाशिवरात्रि के ठीक एक दिन पहले हमारा धनुष बाण चोरी हो गया. उन्होंने कहा कि ठीक है, आपने हमारा धनुष बाण चुरा लिया.

उद्धव ठाकरे ने नाम लिए बिना एकनाथ शिंदे गुट को चुनौती दी कि इसके साथ और चुनाव लड़ो. उन्होंने इस दौरान अपने नए चुनाव चिह्न का भी संकेत दे दिया और कहा कि अब मसाल के साथ आएंगे. आपके समर्थन से हम उन्हें (शिंदे गुट को) पटखनी देकर फिर से भगवा ध्वज लहराएंगे. उद्धव ठाकरे ने इस दौरान अपने समर्थकों में भी जोश भरने की कोशिश की और कहा कि हमें एक बार फिर से राज्य में शिवसेना का (हमारा) मुख्यमंत्री बनाना है.

Advertisement

मोदी को भी लेना पड़ रहा बाला साहेब के नाम का सहारा 

उन्होंने अपने समर्थकों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए कहा कि क्या आप में हिम्मत है? क्या आप को मुझ पर विश्वास है? उद्धव ने कहा कि मुझे और कुछ नहीं चाहिए. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज इनकी हालत ये है कि मोदी को भी बाला साहेब के नाम का सहारा लेना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सोचते हैं कि वि शिवसेना को समाप्त कर देंगे. शिवसेना कभी समाप्त नहीं होगी.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं उनके (पीएम मोदी) के सरकार में नौकरों से कहना चाहता हूं. जनता निर्णय लेगी कि शिवसेना किसकी है. वे मसाल को भी हटा सकते हैं. उन्होंने मातोश्री के बाहर बड़ी तादाद में जुटे समर्थकों से घर-घर, गली-गली जाने की अपील भी की. उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरी आप लोगों से गुजारिश है कि गली-गली, घर-घर जाकर लोगों को बताइए कि हमारा चुनाव चिह्न चोरी हो गया है.

शिंदे गुट को दी चुनाव मैदान में उतरने की चुनौती

उद्धव ठाकरे के संबोधन से पहले इस तरह की खबरें भी थीं कि उनके नेतृत्व वाला गुट चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकता है. उद्धव ठाकरे ने बैठक के बाद जब समर्थकों को संबोधित किया, सभी अटकलों और कयासों पर विराम लगा दिया. उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे गुट को धनुष बाण के साथ चुनाव मैदान में उतरने की चुनौती दी, पीएम मोदी पर बाला साहेब के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए हमला बोला.

Advertisement

उद्धव ठाकरे ने अपने समर्थकों के सामने ये भी साफ कर दिया कि अब वे धनुष-बाण का मुकाबला मसाल से करेंगे. उन्होंने समर्थकों को नए निशान के साथ चुनावी तैयारी में जुट जाने का भी संदेश दे दिया. गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम और निशान पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के दावे के पक्ष में फैसला सुनाया था.

19 फरवरी को फेसबुक लाइव करेंगे उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने ये भी कहा कि कल फेसबुक लाइव करेंगे. उन्होंने कहा कि सिंबल को लेकर जब भी लड़ाई हुई, तब ये किसी को भी नहीं दिया गया. उन्होंने समर्थकों से भावुक अंदाज में कहा कि मैं आपको कुछ भी नहीं दे सकता. मेरे हाथ खाली हैं. समर्थकों की ओर से इस पर आवाज आई- आदेश. इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे धैर्य का इम्तिहान मत लीजिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में जुट जाने के लिए कहा.

पवार ने कहा था- नई शुरुआत करें उद्धव

चुनाव आयोग के फैसले के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने इंदिरा गांधी के जमाने का कांग्रेस से जुड़ा किस्सा याद करते हुए उद्धव ठाकरे को नए चिह्न के साथ नई शुरुआत करने का संदेश दिया था. शरद पवार ने कांग्रेस पार्टी का दो बैल वाला निशान फ्रीज हो जाने का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को नया निशान हाथ का पंजा चुनना पड़ा लेकिन इससे उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ था.

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »