महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों ने पैसों की तंगी और कैंसर के इलाज के लिए बजट न होने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. तीनों के शव उनके बंद घर से बरामद किए गए हैं.
बोलिंज पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि घटना विरार के ग्लोबल सिटी इलाके स्थित एक फ्लैट की है. बुधवार रात करीब 9:30 बजे पड़ोसियों ने फ्लैट से तेज बदबू आने की सूचना पुलिस को दी.
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब देखा तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजे को तोड़कर जब पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई, तो कमरे में तीनों भाई-बहनों के शव पड़े मिले. शव काफी हद तक सड़ चुके थे, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि ये घटना कुछ दिन पहले हुई होगी.
कैंसर के इलाज के लिए नहीं जुट पा रहे थे पैसे
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान कुमार मनसुखलाल मेहता (50), दीपक मनसुखलाल मेहता (52) और खेवना मनसुखलाल मेहता (48) के रूप में हुई है. ये तीनों भाई-बहन शादीशुदा नहीं थे और एक साथ ही किराए के मकान में रहते थे.
मामले की जानकारी देते हुए सहायक निरीक्षक विष्णु वाडकर ने बताया, 'कुमार मेहता कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे. परिवार रिश्तेदार या दोस्तों से इलाज के लिए पैसे नहीं जुटा पा रहा था. आर्थिक तंगी और कैंसर की बीमारी के कारण पूरा परिवार गहरे डिप्रेशन में चला गया था.'
चूहे मारने की दवा खाकर दी जान
वाडकर ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों भाई-बहनों ने एक सुसाइड पैक्ट के तहत चूहे मारने की जहरीली दवा खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. बोलिंज पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.
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