360 क्विंटल थाई मांगुर मछली जब्त, 8 फीट गहरे गड्ढे में जमींदोज; कीमत 32 लाख रुपये से ज्यादा

नागपुर में पर्यावरण के दुश्मनों पर प्रशासन का बड़ा प्रहार सामने आया है. 5 विभागों की संयुक्त टीम ने चिंचोली में छापा मारकर 36 टन प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली को जब्त किया और उसे 8 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया. देखिए पूरी रिपोर्ट...

Advertisement
शकील खान के तालाब से मिली 360 क्विंटल थाई मांगुर.(Photo:ITG) शकील खान के तालाब से मिली 360 क्विंटल थाई मांगुर.(Photo:ITG)

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST

नागपुर में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली पालन के खिलाफ प्रशासन का बड़ा चाबुक चला है. एक बड़े जॉइंट ऑपरेशन में 36 टन यानी 360 क्विंटल मछली को जब्त कर 8 फीट गहरे गड्ढे में वैज्ञानिक तरीके से जमींदोज कर दिया गया.

जिले की पारशिवनी तहसील के चिंचोली (महादुला) सीमा इलाके का यह मामला है. यह पूरी कार्रवाई चिंचोली स्थित शकील खान अब्दुल सलीम खान के मछली पालन तालाब पर की गई. गुरुवार सुबह शुरू हुई यह जब्ती कार्रवाई देर रात तक जारी रही. 

Advertisement

इस अभियान में 5 प्रमुख विभागों मत्स्य व्यवसाय विभाग नागपुर, पारशिवनी पुलिस, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB), महावितरण (MSEDCL) और स्थानीय निकाय संस्थाओं ने एक साथ मिलकर हिस्सा लिया. कार्रवाई के दौरान जप्त की गई 36 टन थाई मांगुर मछली का बाजार मूल्य करीब 32 लाख 40 हजार रुपये बताया जा रहा है.

क्यों खतरनाक है थाई मांगुर?
भारत सरकार और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने थाई मांगुर मछली के पालन और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है. यह मछली पर्यावरण, जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक मानी जाती है.

यह मछली गंदे पानी में भी तेजी से पनपती है और मांसाहारी होती है. इसमें भारी धातुएं और हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा रहता है. यह तालाब की अन्य देशी मछलियों और जलीय जीवों को खाकर खत्म कर देती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »