चार साल से फ्रीजर में शव, लाश को जिंदा करने के लिए परिवार की खौफनाक हरकत

मुंबई के मलाड पूर्व में पुलिस ने एक 80 साल के बुजुर्ग का शव एक क्लिनिक के फ्रीजर से बरामद किया है. बुजुर्ग की मौत 2022 में हो चुकी थी, लेकिन परिवार ने क्रायोनिक्स तकनीक से उन्हें फिर से जिंदा किए जाने की उम्मीद में शव को फ्रीजर में रखा. अब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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परिवार बुजुर्ग को क्रायोनिक्स तकनीक की मदद से जिंदा करना चाहता था. (Representational Photo- ITGD) परिवार बुजुर्ग को क्रायोनिक्स तकनीक की मदद से जिंदा करना चाहता था. (Representational Photo- ITGD)

मुस्तफा शेख

  • मुंबई,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मुंबई के मलाड पूर्व के कुरार इलाके में पुलिस ने एक ऐसे 80 साल के बुजुर्ग का शव बरामद किया है, जिसकी मौत साल 2022 में ही हो चुकी थी. बुजुर्ग के फिर जिंदा होने की इंतजार में परिवार ने शव को सुरक्षित रखा हुआ था.

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परिवार वालों ने बुजुर्ग की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार नहीं किया. बल्कि शव को पिछले चार साल से उस लाश को एक क्लिनिक के फ्रीजर में सुरक्षित छुपाकर रखा था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुरार थाने की पुलिस को एक मुखबिर के जरिए इस मामले की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस ने जब मलाड के एक स्थानीय क्लिनिक में छापा मारा, तो वहां 80 साल के बुजुर्ग का शव एक फ्रीजर में रखा हुआ मिला.

पिछले चार साल से फ्रीजर में रखा रहा शव

जांच में सामने आया कि परिवार के लोगों के कहने पर ही इस शव को पिछले चार साल से इस तरह संभाल कर रखा गया था. हालांकि, गोपनीयता बनाए रखने के लिए पुलिस ने फिलहाल मृतक और उसके परिवार के सदस्यों की पहचान का खुलासा नहीं किया है.

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परिवार को फिर जिंदा होने की आस

पुलिस पूछताछ में बुजुर्ग की पत्नी और उनके बालिग बच्चों ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने पुलिस को बताया कि वो अपने परिवार के मुखिया की मौत से गहरे सदमे में थे और मानसिक रूप से टूट चुके थे. वो उन्हें इस हालत में खोना नहीं चाहते थे. इसलिए, वो इस शव को अमेरिका के किसी क्रायोनिक्स सेंटर में ले जाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते थे ताकि भविष्य में टेक्नोलॉजी के डेवलप होने पर उन्हें फिर से जिंदा किया जा सके.

बता दें कि विज्ञान की दुनिया में सेल्स, टिशूज और भ्रूण का क्रायोप्रिजर्वेशन एक स्थापित प्रक्रिया है, लेकिन इंसानी शरीर की क्रायोनिक्स तकनीक अभी भी पूरी तरह एक्सपेरिमेंटल है.

यह भी पढ़ें: रात का अंधेरा और तेज बहाव... 64 साल के बुजुर्ग ने नदी में लगा दी छलांग लगा दी, फिर पुलिस और तैराकों ने बचाई जान

परिवार और क्लिनिक ने इस बारे में स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी. शव अभी भी उसी क्लिनिक में मौजूद है और एहतियात के तौर पर पुलिस बल को वहां तैनात कर दिया गया है. परिवार अभी तक ये तय नहीं कर पाया है कि बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कब और कैसे किया जाएगा.

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