मनोज जरांगे का अनशन 8वें दिन भी जारी, इलाज ठुकराया, सरकार को दी डेडलाइन

सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे का अनशन पिछले आठ दिनों से लगातार जारी है. उन्होंने किसी भी इलाज, IV फ्लुइड से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने सरकार को चेतावनी भी दी है अगर 12 सितंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे मुंबई कूच करेंगे.

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Maratha reservation activist Manoj Jarange Maratha reservation activist Manoj Jarange

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे का आंदोलन मराठा आरक्षण के लिए आठवें दिन भी जारी रहा. मनोज जरांगे ने पानी या मेडिकल इलाज लेने से इनकार करके इस आंदोलन को और तेज कर दिया है. साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार आश्वासनों को पूरा करने में नाकाम रही है. 

कुछ समय पहले जरांगे पाटिल राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील पर IV फ्लूइड लेने के लिए सहमत हो गए थे लेकिन अब उन्होंने IV फ्लूइड लगाने से इनकार कर दिया है. उन्होंने मेडिकल जांच कराने से इनकार करते हुए साफ कह दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तब तक वे इलाज नहीं कराएंगे. 

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मनोज जरांगे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "जब तक सरकार हमारी मांगों को धरातल पर लागू नहीं करती, तब तक मैं कुछ नहीं लूंगा और न ही कोई इलाज कराऊंगा." इस दौरान एक मेडिकल टीम ने उन्हें इस फैसले को बदलने के लिए मनाने की भी कोशिश की लेकिन वे नहीं मानें. 

जरांगे का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में समुदाय को आरक्षण देने के लिए लगभग 58 लाख मराठाओं से जुड़े रिकॉर्ड पर काम शुरू होगा लेकिन आज तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ. जरांगे ने दावा किया कि हैदराबाद गैजेट से जुड़ी प्रक्रिया भी अब तक शुरू नहीं हो पाई है. 

यह भी पढ़ें: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी, मनोज जरांगे का मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान

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जरांगे ने पत्रकारों को बताया कि आरक्षण के मुद्दे को लेकर सरकार ने ग्रामिणों से जो वादे किए थे, उसमें से कोई वादा पूरा नहीं किया. हालांकि सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने पहले कहा था कि जरांगे की मांगों को लेकर एक या दो दिनों में फैसला हो जाएगा. हालांकि, जरांगे अब भी अपनी बात पर अड़े हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने यह भी दोहराया है कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वे 12 सितंबर को मुंबई जाएंगे. 

जरांगे की मांग है कि पात्र मराठाओं को कुनबी सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर 12 सितंबर तक सरकारी आदेश जारी किया जाए जिससे समुदाय के लोगों को OBC के तहत आरक्षण मिल सके. गुरुवार को मंत्रियों राधाकृष्ण विखे पाटिल और उदय सामंत, MLC प्रसाद लाड और विधायक मकरंद पाटिल के सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे पाटिल से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे से अनशन खत्म करने की अपील की थी. विखे पाटिल का कहना था कि सरकार ने लगभग 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड ढूंढ लिए हैं और सरकार कुनबी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में तेजी ला रही है. 

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