'विलय का सवाल ही पैदा नहीं होता...', NCP के एक होने की अटकलों पर अनिल देशमुख की दो टूक

एनसीपी के दो गुटों के विलय को लेकर चल रही अटकलों को एनसीपी (SP) नेता अनिल देशमुख ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई उनकी पार्टी में शामिल होना चाहता है, तो उसका स्वागत है. लेकिन दोनों गुटों के विलय की कोई गुंजाइश नहीं है.

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अनिल देशमुख ने सुनील तटकरे के दावों को खारिज किया. (File Photo- PTI) अनिल देशमुख ने सुनील तटकरे के दावों को खारिज किया. (File Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:48 AM IST

एनसीपी के दो गुटों के विलय की अटकलों के बीच पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (SP) नेता अनिल देशमुख ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ लफ्जों में कह दिया है कि दोनों एनसीपी धड़ों के विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोई उनकी पार्टी में शामिल होना चाहता है, तो उसका स्वागत है.

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अनिल देशमुख का ये बयान सत्तारूढ़ एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के हालिया दावे के बाद आया है. तटकरे ने कहा था कि अगर पूर्व उप मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष अजित पवार जिंदा होते, तो इसी साल फरवरी में दोनों गुटों का विलय हो गया होता.

शुक्रवार को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए अनिल देशमुख ने सुनील तटकरे के इस बयान पर हमला बोला और उन पर विरोधाभासी बातें करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब अजित पवार जिंदा थे, तभी ये तय हो चुका था कि NCP बीजेपी नीत सरकार का साथ छोड़ेगी और दोनों पार्टियां एक होंगी.

'विलय का सवाल नहीं, लेकिन नए लोगों का स्वागत'

दोनों गुटों के एक होने की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए देशमुख ने दोहराया कि सत्ताधारी NCP और विपक्षी NCP (एसपी) का विलय होने की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा, 'अगर कोई हमारी पार्टी में शामिल होना चाहता है तो उसका स्वागत है. हालांकि, विलय का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.'

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अजित पवार के निधन के बाद बदला तटकरे का रुख

पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि अजित पवार के अचानक हुए निधन के बाद सुनील तटकरे ने दावा किया था कि तत्कालीन NCP अध्यक्ष ने दोनों गुटों के दोबारा एक होने के बारे में पार्टी नेताओं को कुछ नहीं बताया था. देशमुख ने सवाल उठाया कि जब तटकरे ने पहले ऐसा कहा था, तो अब वो ये दावा क्यों कर रहे हैं कि अगर अजित पवार जिंदा होते तो 12 फरवरी को विलय हो जाता?

बता दें कि इसी साल 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में एक विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था.

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