झारखंड में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच CID का बड़ा एक्शन, JPSC एग्जाम घोटाले के 5 आरोपी अरेस्ट

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों के उपयोग के मामले में CID ने रांची और लखनऊ पुलिस के सहयोग से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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झारखंड के रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी है झारखंड के रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी है

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:34 AM IST

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच कर रही CID ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. रांची और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) पुलिस के सहयोग से गिरफ्तारी की गई है. सीआईडी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में उमाकांत उरांव, रोशन कच्छप, मनोज कुमार, रक्षक सिंह और धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं.

(1) उमाकांत उरॉव, जिला रांची- 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का उपयोग कर के उत्तीर्ण हुआ है साथ ही उम्मीदवार / अभ्यर्थी उपलब्ध कराने हेतु एजेंट का काम भी करता है.

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(2) रोशन केरकेट्टा, जिला रांची- 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का उपयोग कर के उत्तीर्ण हुए हैं.

(3) मनोज कुमार, जिला रांची, 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का उपयोग कर के उत्तीर्ण हुए हैं.

(4) रक्षक सिंह, जिला-लखनउ, उत्तर प्रदेश- JPSC में परीक्षा संचालित करने वाली कंपनी TDPL में एकाउंटेट हैं और 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनो का उपयोग कर के उत्तीर्ण हुए हैं.

(5) धर्मेंद्र कुमार, जिला- रांची

उधर छात्रों का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है. बहुत संभावना है कि मंत्रियों का दल गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करेगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर धरना स्थल पर बातचीत नहीं हो पाई तो किसी सार्वजनिक स्थान पर छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया जा सकता है. 

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सरकार रिजल्ट कैंसिल करने पर भी कर रही है विचार

सूत्रों के अनुसार, छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार परीक्षा के रिजल्ट को भी रद्द करने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रही है. सूत्रों का कहना है कि सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है और जल्द ही कोई अहम फैसला लिया जा सकता है.

इस बीच कल्याण मंत्री लिंडा ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया है. हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनसे बातचीत करें. साथ ही वार्ता के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी हो और पूरी बातचीत सार्वजनिक रूप से हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. सरकारी पक्ष से भी संकेत मिले हैं कि बातचीत किसी सार्वजनिक स्थान पर कराई जा सकती है.

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