झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर सरकार छात्रों से बात करने के लिए तैयार हो गई है. ऐसे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भी राज्य सरकार से बातचीत करने के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को चुन लिया है.
छात्रों की ओर से इस प्रतिनिधिमंडल की लिस्ट अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को सौंप दी गई है. इस लिस्ट में कुल 11 लोग शामिल हैं, जिनमें 8 छात्र, 1 वकील और 2 तकनीकी जानकार (एक्सपर्ट्स) हैं.
डेलिगेशन में शामिल छात्रों की लिस्ट सौंपे जाने के बाद अब सरकार के जवाब का इंतजार है. सरकार बैठक का समय और जगह तय करके छात्रों को इसकी सूचना देगी. कहा जा रहा है कि समय और स्थान तय होते ही आज ही सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हो सकती है.
वार्ता के लिए चुने गए 8 छात्र प्रतिनिधि
पीयूष कुमार सिंह
रविन्द्र पासवान
राजेश प्रसाद
नीतू कुजूर
कार्तिक सोरेन
रविन्द्र
अंकित कुमार
शालू सिंह
तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर मजबूती से रखा जाएगा पक्ष
छात्रों ने अपनी रणनीति काफी सोच-समझकर बनाई है. सरकार के पास सिर्फ छात्रों को भेजने के बजाय उन्होंने अपने साथ एक वकील और दो तकनीकी एक्सपर्ट्स को भी शामिल किया है. इससे परीक्षा प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों, धांधली के आरोपों और कानूनी बारीकियों पर सरकार के सामने मजबूती से पक्ष रखा जा सकेगा.
वहीं, सरकार ने पहले ही प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाया है. हालांकि अभी इन मंत्रियों के नाम सामने नहीं आए हैं. जबकि छात्रों की मांग है कि वो सीधे सीएम हेमंत सोरेन से ही बात करेंगे.
यह भी पढ़ें: झारखंड के प्रदर्शनकारी छात्रों की सरकार में किससे होगी बात? सबसे बड़ा सस्पेंस
छात्र लंबे समय से JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं. अब सभी की निगाहें सरकार के रुख और आज होने वाली इस वार्ता के नतीजों पर टिकी हैं.
सत्यजीत कुमार