हिमाचल में भारी बारिश से आफत बरकरार, 200 सड़कें बंद, प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं और बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मंडी, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में सबसे अधिक सड़कें बंद हैं.

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शिमला में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया है शिमला में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया है

aajtak.in

  • शिमला,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

हिमाचल प्रदेश में बारिश की रफ्तार कुछ धीमी जरूर पड़ी है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी सामान्य नहीं हुआ है. गुरुवार को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम सूखा रहा, जबकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई. इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

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स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक हिमाचल में 200 सड़कें अभी भी बंद हैं. जिसका सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू में देखने को मिल रहा है. वहीं मंडी में 64, कुल्लू में 60 और शिमला में 32 सड़कों से आवाजाही बंद है. इसके अलावा सिरमौर, कांगड़ा, ऊना, और लाहौल-स्पीति के साथ ही साथ किन्नौर में भी भारी बारिश के चलते सड़कें प्रभावित हो रही हैं.

बता दें कि मौसम विभाग ने गुरुवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा में हल्की बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. लेकिन अब असली चिंता आने वाले दिनों को लेकर है, जिसको ध्यान में रखते हुए 14,17, और 18 अगस्त को कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे हालात में प्रभावित इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती है. 

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बारिश से बिजली पानी पर पड़ा खासा असर

बारिश से सिर्फ सड़कें ही नहीं प्रभावित हुई हैं. हिमाचल में 45 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हैं, जिसमें सिर्फ मंडी के 35 हैं. वहीं 39 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं. यानी कई इलाकों में लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी इसका असर पड़ा है. पिछले कुछ घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. रोहड़ू में सबसे ज्यादा 22 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. 

वहीं खड़राला में 17, कसौली में 12, जबकि सराहन और कोठी में 2-2 मिलीमीटर बारिश हुई. इस बीच 11 अगस्त को लाहौल-स्पीति के मुंची और चापोर नाला में आई फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान का शुरुआती आकलन भी सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक मुंची-टिनो सड़क का करीब 700 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है.

सिंचाई की छोटी नहरों, सिंचाई पाइप और कुछ खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा है. 12 अगस्त को प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थानीय लोगों से स्थिति की जानकारी ली.

तापमान की बात करें तो राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा. वहीं कुकुमसेरी में सबसे ठंडे इलाके के साथ 10.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. फिलहाल हिमाचल में बारिश थमी हुई है, लेकिन बंद रास्ते, प्रभावित बिजली-पानी की व्यवस्था और आने वाले दिनों का भारी बारिश का अलर्ट बता रहा है कि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं.

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