बैंक मैनेजर का खेला... फेक अकाउंट खोलकर करोड़ों का ट्रांजेक्शन, ऐसे पकड़ा गया

सूरत में रहने वाले एक युवक की जानकारी के बिना फर्जी दस्तावेज के आधार पर खटोदरा इलाके में स्थित एक निजी बैंक मैनेजर समेत चार लोगों ने करंट और सेविंग बैंक खाता खोलकर 3 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया. खटोदरा थाने में शिकायत दर्ज कराने पर पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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प्रतीकात्मक फोटो. प्रतीकात्मक फोटो.

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 25 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

गुजरात के सूरत में फेक अकाउंट खोलकर करोड़ों का ट्रांजेक्शन करने का मामला सामने आया है. फर्जी दस्तावेज के आधार पर एक निजी बैंक के मैनेजर समेत चार लोगों ने करंट और सेविंग बैंक खाता खोलकर 3 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया. इतना ही नहीं कागजों पर अलग-अलग फर्में भी बनाई गईं. पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच कर रही है. 

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दरअसल, पांडेसरा इलाके के रहने वाले अखिलेश रंजीत कुमार यादव ने खटोदरा थाने में शिकायत पत्र दिया था. इस शिकायत पत्र में उसने लिखा कि उनकी जानकारी के बिना सोशल सर्किल के पास एचडीएफसी बैंक में सेविंग और करंट बैंक खाते खोले गए. इन बैंक खातों में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया है. इतना ही नहीं शिकायत में कहा गया कि बैंक खाते में उनके नाम की रबर स्टांप और फर्जी सबूतों के आधार पर खोले गए हैं.

जांच के दौरान यह बात आई सामने

शिकायत के बाद खटोदरा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की. उसमें पाया गया कि अखिलेश यादव के बैंक खाते से ट्रांजेक्शन चौहान कंसल्टेंसी के बैंक खाते में किया गया है. बैंक खाता अहमदाबाद के आश्रम रोड पर रहने वाले अजय बलवंत सिंह चौहान के नाम पर पाया गया. पुलिस जब वहां गई, तो पता चला कि वहां कोई फार्म नहीं थी. इसके अलावा खटोदरा पुलिस द्वारा एक अन्य बैंक खाते की जांच की गई, तो राम ट्रेडिंग के खाते में भी करोड़ों का ट्रांजेक्शन किए जाने का मामला सामने आया था. 

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अलग-अलग लोगों से गहन पूछताछ की पुलिस

वह बैंक खाता चोखा बाजार कबूतर खाना अहमदाबाद के पास दुकान नंबर 7 के पते पर पाया गया. पुलिस जब वहां पहुंची, तो पता चला कि ईडी और बैंक पहले ही पते पर सीलिंग की कार्रवाई कर चुके थे. खटोदरा पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच की, जिसमें अलग-अलग लोगों से गहन पूछताछ की गई. इसमें पुनित पांडे नामक शख्स ने पुलिस को बताया कि दोनों बैंक खाते संचालन के लिए रजत सेठिया नामक व्यवसायी को दिए गए थे.

मामले में डीसीपी ने कही ये बात

सूरत पुलिस के डीसीपी विजय सिंह गुर्जर ने बताया कि अखिलेश रंजीत यादव किसी भी प्रकार की फर्म के मालिक नहीं हैं. एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक आरोपी संदीप गुमानमल खरेचा, रजत सेठिया ने आरोपी मिलन जैन के साथ मिलकर धोखाधड़ी की थी और वित्तीय लाभ पाने के लिए इन दोनों खातों में करोड़ों का लेनदेन करके विश्वासघात किया. पुलिस ने बैंक मैनेजर संदीप गुमानमल खरेचा और रजत संजय सेठिया को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने सभी आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल की भी जांच शुरू कर दी है.

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