सत्य निकेतन हादसे पर SC में सुनवाई, कोर्ट ने पूछा- रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधि कैसे

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद देश भर में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण पर किया सवाल (Photo: ITG) सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण पर किया सवाल (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • दिल्ली,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद देश भर में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा रही है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई. 

दिल्ली और लखनऊ समेत देश भर में अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया कि खास तौर पर तय की गई जगहों के लिए बने नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है. रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां कैसे हो रही हैं?

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सरकार की ओर से बताया गया कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और इन्हें ढहाया जा रहा है. सरकार का कहना है कि NDMC और पुलिस इसमें पूरा सहयोग कर रही है. इस दौरान जयपुर और भोपाल में भी अवैध इमारतें सील किए जाने का भी मुद्दा उठा. गोपाल शंकर नारायण ने इस मामले में दलीलें रखीं.

बता दें, 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिर गई थी. इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी. जानकारी के मुताबिक, जिस वक्त इमारत गिरी उस समय बिल्डिंग की बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था. 

हादसे में सात लोगों की मौत

हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, छत्तीसगढ़ के दुग्क के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, उत्तर प्रदेश के औरैया 17 वर्षीय छात्र पवन, मध्य प्रदेश के देवास के 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज, मध्य प्रदेश के कटनी के 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं. वहीं, मामले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे. 

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यह भी पढ़ें: सत्य निकेतन हादसे के आरोपी हरिराम को बड़ा झटका, पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत की खारिज

बता दें, इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी हरिराम गुप्ता की जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हरिराम गुप्ता खुद को बिल्डिंग से अलग बता रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड के मुताबिक बिल्डिंग की बिजली कनेक्शन उनके नाम पर हैं और कुछ गवाहों ने निर्माण में उनकी भूमिका की बात कही है.

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