सीने की हड्डी काटे बिना बदल दिया दिल का वॉल्व! सफदरजंग के डॉक्टरों ने रचा इतिहास, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक तकनीक से दाहिनी तरफ मौजूद दिल की बेहद दुर्लभ और जटिल सर्जरी की। बिना सीना काटे मरीज का खराब वाल्व बदल दिया.

Advertisement
फदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल का एक बहुत ही मुश्किल ऑपरेशन किया है. (फोटो-ITG) फदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल का एक बहुत ही मुश्किल ऑपरेशन किया है. (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:39 PM IST

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल का एक बहुत ही मुश्किल ऑपरेशन करके कमाल कर दिखाया है. डॉक्टरों ने रोबोट की मदद से एक मरीज के दिल का खराब वाल्व सफलतापूर्वक बदल दिया है. मरीज को बचपन से ही दिल की एक बहुत ही अनोखी बीमारी थी.

दरअसल, इस मरीज का दिल आम लोगों की तरह बाईं तरफ न होकर, सीने के दाहिनी तरफ था. इसके अलावा उसके दिल की खून की नसें (धमनियां) भी अपनी सही जगह पर नहीं थीं.

Advertisement

इस वजह से उसके दिल का एक वाल्व बुरी तरह लीक कर रहा था. वाल्व खराब होने की वजह से मरीज के दिल पर बहुत दबाव पड़ रहा था.  उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी.

कैसे हुआ रोबोट से ऑपरेशन?
डॉक्टर अनुभव गुप्ता और उनकी टीम ने इस ऑपरेशन को किया. आमतौर पर ऐसी सर्जरी में सीने की हड्डी को बीच से काटना पड़ता है. लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा बिल्कुल नहीं किया. उन्होंने सीने पर छोटे-छोटे छेद किए. फिर रोबोटिक हाथों और 3D कैमरे की मदद से बहुत ही सफाई से खराब वाल्व को बदल दिया.

अस्पताल का कहना है कि रोबोट का इस्तेमाल करके बाएं तरफ से इस बीमारी का इलाज करने का यह दुनिया का पहला मामला है. ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों ने मरीज के दिल का 3D नक्शा बनाया था, ताकि उन्हें पता रहे कि अंदर कहां और कैसे काम करना है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ChatGPT का बड़ा धमाका! अब पढ़ेगा आपकी मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टर के पास जाने से पहले देगा जवाब

डॉक्टरों ने बताया कि इस तरीके से ऑपरेशन करने से मरीज के शरीर से खून बहुत कम बहता है. इसमें इन्फेक्शन का खतरा न के बराबर रहता है. मरीज को दर्द भी बहुत कम होता है और वह बहुत जल्दी ठीक होकर अपने घर जा सकता है.
अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. कविता शर्मा ने बताया कि यह हमारे देश के सरकारी अस्पताल की बहुत बड़ी कामयाबी है. इससे पता चलता है कि अब सरकारी अस्पतालों में भी सबसे नई तकनीकों से मरीजों का इलाज आसानी से हो सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »