लाल किला ब्लास्ट केस: NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, डॉक्टर समेत 3 नए आरोपी बनाए गए

लाल किला (रेड फोर्ट) कार-बम धमाका मामले में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने इस केस में तीन और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. इसके साथ ही इस मामले में अब तक चार्जशीट किए गए कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है.

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जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 27 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:27 PM IST

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार-बम धमाके में शामिल होने के आरोप में तीन और लोगों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. इनमें एक पीडियाट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) भी शामिल है जो फरार है.

अधिकारियों ने जानकारी दी, NIA ने पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और फरार मुजफर अहमद को आरोपी बताया है. ये सभी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं.

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अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में चार्जशीट किए गए लोगों की संख्या अब 13 हो गई है. इनमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी शामिल हैं, जो विस्फोटक से भरी कार के ड्राइवर था और धमाके में मारा गया.

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NIA के बयान के मुताबिक, पीडियाट्रिशियन मुजफर अहमद को सह-आरोपी डॉ. अदील अहमद राथर का बड़ा भाई और अल-कायदा से जुड़े संगठन AGuH (अंसार गजवत-उल-हिंद) अंतरिम का संस्थापक सदस्य बताया गया है.

NIA की जांच में मुजफर को उस साजिश के मुख्य सूत्रधारों में से एक पाया गया है, जिसके कारण 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास घातक VBIED (व्हीकल-बोर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) धमाका हुआ था और 11 लोगों की मौत हो गई थी. इस साजिश में मुजफर के साथ सह-आरोपी उमर, मुजम्मिल, अदील और मुफ़्ती इरफान भी शामिल थे.

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बयान में कहा गया है कि NIA की जांच से पता चला है कि मुजफर जून 2022 में श्रीनगर में हुई गुप्त ईदगाह बैठक में शामिल हुए थे, जिसमें AGuH अंतरिम की स्थापना की गई थी. मुजफर को इस टेरर मॉड्यूल के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया गया है.

बयान के अनुसार, मुजफर फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में उमर और मुजम्मिल द्वारा चलाई जा रही एक गुप्त जगह पर TATP-आधारित IED (इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने, उनकी टेस्टिंग और उन्हें सुरक्षित रखने के काम में गहराई से शामिल था. बता दें, TATP या ट्राईएसीटोन ट्राईपरॉक्साइड घर पर बनाया जाने वाला विस्फोटक है.

जांच एजेंसी ने बताया कि मुजफर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया है और उसे ढूंढने व गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं.

NIA ने कई तरह की जांच, जिसमें विस्तृत फोरेंसिक टेस्टिंग, साजिश वाली जगहों की जियो-लोकेशन मैपिंग और वित्तीय लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण शामिल है.

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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