दिल्ली में सब्सिडी वाले चावल को लेकर सियासत तेज हो गई है. AAP ने BJP सरकार पर 22 हजार करोड़ रुपये के घोटाले की योजना बनाने का आरोप लगाया है. इसके जवाब में BJP ने AAP नेताओं को 24 घंटे के भीतर आरोप वापस लेकर सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है. ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
दरअसल, AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि रेखा गुप्ता सरकार ने असम की एक सरकारी निगम के साथ मिलकर FCI से सब्सिडी वाला चावल मांगा था. उनका आरोप है कि यह चावल गरीबों तक पहुंचाने के बजाय हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेचने की योजना बनाई गई.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हर हफ्ते करीब 31 हजार मीट्रिक टन चावल लेने की तैयारी थी. उनका दावा है कि करीब 23.20 रुपये प्रति किलो में मिलने वाला चावल 46 रुपये प्रति किलो में बेचा जाना था. इससे हर हफ्ते करीब 143 करोड़ रुपये का फायदा होता. AAP का आरोप है कि यह व्यवस्था तीन साल तक चलती तो करीब 22 हजार करोड़ रुपये का घोटाला होता. इस मामले में AAP विधायक संजीव झा ने भी चावल की खरीद और वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.
BJP ने क्या जवाब दिया?
BJP की ओर से पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा सिरसा ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि 'सौरभ भारद्वाज और संजीव झा 24 घंटे के भीतर अपने आरोप वापस लें और सार्वजनिक माफी मांगें. ऐसा नहीं होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी'. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिरसा ने इन आरोपों को सोशल मीडिया पर खारिज कर दिया. उनका कहना है कि दोनों नेता सरकार की छवि खराब करने के लिए मनगढ़ंत बातें कर रहे है
AAP ने क्या कहा?
AAP का कहना है कि वह इस मामले से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेगी. पार्टी ने सरकार से भी जवाब मांगा है कि सब्सिडी वाले चावल की खरीद और वितरण की पूरी प्रक्रिया कैसे हुई.
फिलहाल मामला आरोप और जवाब तक पहुंचा है. AAP अपने दावों पर कायम है, जबकि BJP ने उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि AAP 24 घंटे के भीतर क्या जवाब देती है और मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचता है या नहीं.
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