जंतर-मंतर प्रोटेस्ट साइट को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई टली, NSUI की याचिका पर भी बहस

दिल्ली उच्च न्यायालय शुक्रवार को जंतर-मंतर और राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के नियमन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ताओं का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के अमित साहनी फैसले का सही तरीके से पालन न होने के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है.

Advertisement
दिल्ली HC प्रदर्शन से जुड़े कई मामलों पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा. (Representational Photo- ITG) दिल्ली HC प्रदर्शन से जुड़े कई मामलों पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा. (Representational Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय शुक्रवार को जंतर-मंतर और राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के नियमन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ताओं का दावा है कि प्रदर्शनों के लिए साफ नियम न होने और सुप्रीम कोर्ट के अमित साहनी फैसले को ठीक से लागू न किए जाने के कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

दरअसल अक्टूबर से फरवरी का समय व्यवसाय के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. ऐसे में याचिकाकर्ताओं ने अदालत से गुहार लगाई है कि उन्हें लंबित मामलों में सुप्रीम कोर्ट के सामनें अपनी दलीलें रखने की अनुमति दी जाए. 

Advertisement

इस पर उच्च न्यायालय ने प्रतिवादियों को मामले में निर्देश लेने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार तय की है.

सुनवाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि वो उन मुद्दों को अपने दायरे में नहीं लेना चाहता जो पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं. अदालत ने ये भी नोट किया कि ये याचिकाएं विरोध प्रदर्शनों और सार्वजनिक सड़कों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के 'अमित साहनी फैसले' पर आधारित हैं.

NSUI और अंशिका त्रिपाठी की याचिकाओं पर भी सुनवाई

इसके अलावा, उच्च न्यायालय NSUI और अंशिका त्रिपाठी की ओर से दायर उन याचिकाओं पर भी सुनवाई कर रहा है, जिसमें 10 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की SIT जांच की मांग की गई है. अदालत ने ये जानकारी मांगी कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्या कार्यवाही हुई है, जिस पर वकीलों ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करेगा.

Advertisement

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि कुछ अज्ञात लोग विरोध प्रदर्शन स्थल में घुस आए और प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी. इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. याचिकाकर्ता ने ये भी मांग की है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और उन्हें अपने हलफनामे में संशोधन करने की अनुमति दी जाए.

JAKHAR की जनहित याचिका पर आपत्तियां

ASG ने जाखड़ की जनहित याचिका की विचारणीयता पर आपत्ति जताई. इस पर उच्च न्यायालय ने ASG को विचारणीयता और बाकी मुद्दों पर अपनी प्रारंभिक आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 3 हफ्ते का समय दे दिया है. उच्च न्यायालय ने इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं का पूरा ब्योरा तलब किया है. वकीलों ने अदालत को बताया कि इन याचिकाओं में नजरबंद किए गए लोगों की संख्या की जानकारी मांगी गई है.

यह भी पढ़ें: 'थप्पड़ कांड' पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, प्रवेश वर्मा और दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस

अदालत ने वकीलों को सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं का पूरा विवरण हासिल करने का समय देते हुए मामले की सुनवाई शुक्रवार तय की है. आज सुबह दाखिल उन याचिकाओं को भी अदालत ने अपने हाथ में लिया, जिनमें प्रदर्शनों के नियमन और सार्वजनिक गतिविधियों में बाधा को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है.

Advertisement

(इनपुट- शांभवी)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »