पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 8वीं पुण्यतिथि के मौके पर राजधानी दिल्ली को 25 नई 'अटल कैंटीनों' की सौगात मिली है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने रविवार को रिमोट कंट्रोल के जरिए इन कैंटीनों का उद्घाटन किया.
इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने अपने लक्ष्य के तहत महज 7-8 महीनों में कुल 100 अटल कैंटीनों को चालू कर दिया है. ये कैंटीन एम्स और LNJP जैसे बड़े अस्पतालों के बाहर, मेट्रो स्टेशनों और जनकपुरी, विकासपुरी सहित झुग्गी-झोपड़ियों के पास शुरू की गई हैं.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन कैंटीनों के जरिए दैनिक वेतन भोगियों, निर्माण श्रमिकों, झुग्गीवासियों और जरूरतमंदों को रोजाना सिर्फ 5 रुपये में भोजन मुहैया कराया जा रहा है.
'अंत्योदय' के सिद्धांत पर चलते हुए सरकार का लक्ष्य एक साल में 3.65 करोड़ लोगों को पौष्टिक भोजन मुहैया कराना है. इस योजना के तहत अब तक लगभग 95 लाख रियायती थालियां परोसी जा चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास बनी कैंटीन से दूर-दराज से आकर रहने वाले छात्रों को भी काफी फायदा होगा.
वाजपेयी के सिद्धांतों को सच्ची श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने इस पहल को गरीबों, मजदूरों और रोजगार की तलाश में दिल्ली आने वाले लोगों के लिए एक सराहनीय कदम बताया. उन्होंने वाजपेयी की पुण्यतिथि पर 100 कैंटीन का लक्ष्य पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार को बधाई दी.
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि ये योजना सिर्फ सस्ते भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर को चलाने वाले लाखों मजदूरों के योगदान का सम्मान भी है.
क्वालिटी, डिजिटल टोकन और सीसीटीवी से निगरानी
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने विकासपुरी में दो कैंटीनों की शुरुआत की. वहीं समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंदरराज सिंह ने रोहिणी सेक्टर-26 में कैंटीन का उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि कैंटीन में दाल, चावल, रोटी और सब्जी से युक्त संतुलित भोजन दिया जाएगा.
भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल टोकन, कंप्यूटरीकृत बिलिंग और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है. इस मौके पर उत्तर-पूर्व दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी भी मौजूद रहे.
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