CJP लीडर्स सौरव दास और आशुतोष रांका को आखिरकार अदालत से बड़ी राहत मिल गई है. दिल्ली के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने 21 अक्टूबर 2026 को दोनों नेताओं को तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दे दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके और सीजेपी समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा, 'सौरव और आशु मुझसे बेहतर ही नहीं, बल्कि मुझसे बहुत बड़े नेता हैं. अपने नेताओं के आदेश का पालन करने में मुझे बेहद खुशी है. जान हाजिर है! लेकिन इसके बाद मेरे बिना गार्डन में कोई अकेला नहीं घूमेगा.'
वहीं, जाने-माने यूट्यूबर और सोशल एक्टिविस्ट ध्रुव राठी ने भी दोनों का रिहाई के बाद स्वागत किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'सौरव और आशुतोष का स्वागत है! हमारे मॉडर्न डे फ्रीडम फाइटर्स.'
क्यों हिरासत में लिए गए थे सौरव दास और आशुतोष रांका?
सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को शांति भंग होने की आशंका के चलते हिरासत में लिया गया था. इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई थी. सुनवाई के दौरान पुलिस ने हिरासत की अवधि तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि दोनों के लिखित आश्वासन और जमानत बॉन्ड पेश किए जाने के बाद अब आगे हिरासत में रखने की कोई जरूरत नहीं है.
कोर्ट ने तय की शर्तें
अदालत ने सौरव और आशुतोष की रिहाई के लिए कुछ अहम शर्तें और निर्देश तय किए हैं. दोनों को 50-50 हजार रुपये का निजी मुचलका और जमानतदार देना था, जिसे पूरा कर लिया गया है. दोनों ने अदालत में लिखित आश्वासन दिया है कि वो भविष्य में शांति भंग नहीं करेंगे और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखेंगे.
सौरव और आशुतोष ने कोर्ट में ये भी वादा किया है कि जब तक जंतर-मंतर को कानूनी रूप से दोबारा प्रदर्शन स्थल घोषित नहीं किया जाता, तब तक वो वहां प्रदर्शन के लिए नहीं बुलाएंगे और हर कदम संविधान के दायरे में होगा. दोनों को सुनवाई की हर तारीख पर अदालत में मौजूद रहना होगा. वहीं, पुलिस को अगली सुनवाई पर जमानतदारों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट पेश करनी होगी.
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इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे तय की गई है. अदालत ने कहा है कि ये आदेश सिर्फ जमानत और रिहाई का है, न कि इस मामले में उन्हें बरी किए जाने का.
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