सेक्स सीडी केस: पूर्व सीएम भूपेश बघेल को झटका, CBI कोर्ट ने आदेश पलटा

रायपुर की विशेष CBI अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राहत देने वाले 2024 के मजिस्ट्रेट आदेश को रद्द कर दिया. 2017 में सामने आए सेक्स सीडी मामले में कथित तौर से मंत्री राजेश मूणत दिखाये गए थे, जिसे राजनीतिक बदनाम करने की साजिश माना गया था.

Advertisement
सेक्स सीडी केस में भूपेश बघेल को राहत नहीं (Photo: ITG) सेक्स सीडी केस में भूपेश बघेल को राहत नहीं (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:58 PM IST

छत्तीसगढ़ की राजनीति में 2017 हलचल मचा देने वाले सेक्स सीडी मामले में 2026 में नया कानूनी मोड़ आ गया है. रायपुर की विशेष CBI अदालत ने 24 जनवरी 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राहत देने वाले मजिस्ट्रेट अदालत के 2024 के आदेश को रद्द कर दिया है. इस फैसले के बाद भूपेश बघेल के खिलाफ मामला फिर से एक्टिव हो गया है और ट्रायल प्रक्रिया जल्द ही आगे बढ़ेगी.

Advertisement

यह विवादित मामला 2017 में सामने आए एक कथित अश्लील वीडियो से जुड़ा है, जिसमें तत्कालीन छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री राजेश मूणत को दिखाया गया था. इस वीडियो के उजागर होने के बाद राज्य की राजनीति में भारी विवाद पैदा हो गया था. आरोप था कि यह वीडियो राजनीतिक बदनाम करने की साजिश के तहत बनाया और प्रचारित किया गया था.

CBI की विशेष अदालत ने न केवल भूपेश बघेल की राहत वाली डिस्चार्ज याचिका को खारिज किया, बल्कि अन्य आरोपियों कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया की अपीलें भी खारिज कर दीं. ये आरोपियों ट्रायल कोर्ट के आरोपों को चुनौती दे रहे थे, लेकिन अदालत ने उनके तर्क नहीं माने.

इस केस की शुरुआत अक्टूबर 2016 में हुई थी, जब पत्रकार विनोद वर्मा को उत्तर प्रदेश से 500 कथित सेक्स सीडी के साथ गिरफ्तार किया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने वीडियो में छेड़छाड़ कर इसे राजनीतिक माहौल में फैलाया और राजेश मूणत की छवि खराब करने की कोशिश की. बाद में मुन्‍नट की शिकायत के आधार पर भूपेश बघेल को भी आरोपी बनाया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: सेक्स सीडी कांड में छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल को मिली बड़ी राहत, CBI कोर्ट ने किया बरी

CBI ने मामले की विस्तृत जांच कर मुख्य और पूरक चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कुल छह आरोपियों के नाम शामिल थे. जांच में यह भी सामने आया कि विनोद वर्मा उस समय भूपेश बघेल के सलाहकार थे.

विशेष CBI अदालत के इस ताजा फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी उठा पटक का विषय बन गया है. आने वाले दिनों में इस केस की सुनवाई छत्तीसगढ़ की राजनीति पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »