Nana patekar death : कार्डियक अरेस्ट से पहले महसूस होते हैं ये लक्षण, डॉक्टर ने CPR पर दी लोगों को ये सलाह

नाना पाटेकर के निधन ने कार्डियक अरेस्ट के खतरों को फिर से उजागर किया है. 75 वर्षीय अभिनेता को घर पर कार्डियक अरेस्ट आया, और अस्पताल में डॉक्टरों ने सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन वे बच नहीं सके. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल जाना चाहिए. इससे जान बच सकती है.

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 नाना पाटेकर का निधन नाना पाटेकर का निधन

अभिषेक पांचाल

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:13 PM IST

Nana patekar cardiac arrest: अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. नाना अपने घर में बेहोशी की हालत में थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. सुबह 5:20 बजे उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया. नाना के निधन की घटना पर एक्सपर्ट्स ने कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों की पहचान और सीपीआर के महत्व के बारे में बताया है. 

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मेदांता मूलचंद हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि अभिनेता नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले रात करीब 2:30 बजे अपने एक दोस्त को मैसेज किया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है. रात का समय होने के कारण दोस्त ने मैसेज तुरंत नहीं देखा, लेकिन बाद में फोन कर करीब सुबह 4:00 बजे उनके गोवा स्थित घर पहुंचे. उसके बाद एंबुलेंस की मदद से उनको अस्पताल लेकर गए. डॉक्टरों ने CPR देकर जान बचाने कि कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. 

ऐसे मामलों में क्या लक्षण दिखते हैं 

डॉ तरुण ने कहा कि कई मरीजों में कार्डियक अरेस्ट आने से पहले कुछ लक्षण दिख सकते हैं. जैसे छाती में दर्द, सांस लेने में परेशानी, उल्टी आना, चक्कर आना और अचानक बेहोश होकर गिर जाना.अगर इनके दिखने के दौरान या कुछ देर में मरीज अस्पताल पहुंच जाए तो जान बचाई जा सकती है. 

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कैसे हो जाती है मौत? 

डॉ तरुण ने कहा कि नाना के मामले में जब दोस्त उनके घर पहुंचे, तब नाना पाटेकर को काफी पसीना आ रहा था, सांस लेने में तकलीफ थी और वे अचेत हो रहे थे. ये वह समय था जब कार्डियक अरेस्ट आ चुका था.  इसमें हार्ट काम करना बंद कर देता है. हार्ट से शरीर के अंगों तक खून की सप्लाई खत्म होने लगती है. इससे ब्रेन तक ऑक्सीजन की सप्लाई थमने लगती है. मरीज की पल्स धीरे- धीरे बंद होने लगती है. वह बेहोश होकर गिर जाता है. अगर कुछ मिनटों में CPR न मिले तो ऑक्सीजन न होने से ब्रेन की सेल्स मरने लग जाती है और इससे व्यक्ति की मौत हो जाती है. 

यह भी पढ़ें: 75 की उम्र में भी इतने फिट थे नाना पाटेकर, वायरल हो रहा कुछ दिन पहले का जिम का वीडियो

CPR  ना आना बहुत बड़ी समस्या

डॉ. तरुण बताते हैं कि देश में सीपीआर को लेकर कई जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन फिर भी अधिकतर लोगों को सीपीआर देना नहीं आता था. इसलिए ये जरूरी है कि इसको सभी सीखें. अगर आपके आसपास भी कोई व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर गया है तो यह कार्डियक अरेस्ट हो सकता है, जिसमें समय पर सीपीआर देकर जान बचाई जा सकती है. 
 

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