मानसिक तनाव आज हमारी जिंदगी का एक आम हिस्सा बन गया है, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता, खासतौर पर महिलाओं और पुरुषों में तनाव के लक्षण अलग- अलग होते हैं. मेडिकल जर्नल द लैंसेट के मुताबिक, महिलाओं और पुरुषों में तनाव की समस्या लगभग समान दर से हो सकती है, लेकिन इसके लक्षण अलग दिखाई दे सकते हैं. इसका संबंध शरीर की बनावट, हार्मोन में बदलाव से जुड़ा होता है.
महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन मूड और मानसिक तनाव पर असर डाल सकते हैं, पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, बच्चे के जन्म के बाद और मेनोपॉज से पहले के समय में हार्मोन में बदलाव होने से कुछ महिलाओं में चिंता और मूड में बदलाव बढ़ सकता है. महिलाओं में मानसिकसतनाव के समय शरीर में कॉर्टिसोल और ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन भी काम करते हैं.
महिलाओं में तनाव के दौरान दूसरों से बात करने, मदद लेने और परिवार की देखभाल करने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. वहीं पुरुषों में मानसिक तनाव का असर कई बार गुस्से के रूप में सामने आता है. महिलाओं में कुछ दूसरे लक्षण नजर आते हैं. इस बारे में गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल में डॉ. निकिता सोबती ने बताया है.
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महिलाओं में मानसिक तनाव के क्या लक्षण होते हैं
लगातार चिंता या घबराहट होना
बार-बार रोना
सिरदर्द या माइग्रेन
गर्दन और कंधों में दर्द या खिंचाव
पेट की परेशानी, जी मिचलाना या IBS जैसी समस्या
मीठा या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने की इच्छा बढ़ना
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पुरुषों में तनाव कैसे दिखाई देता है?
जल्दी गुस्सा आना
चिड़चिड़ापन या आक्रामक व्यवहार
छोटी-छोटी बात पर भड़क जाना
अचानक गुस्सा करना या रोड रेज जैसी स्थिति
ब्लड प्रेशर बढ़ना
मानसिक तनाव के कारण दांत पीसना
मानसिक तनाव से कैसे निपटें?
डॉ. निकिता कहती हैं कि हर व्यक्ति के लिए मानसक तनाव कम करने का तरीका एक जैसा नहीं हो सकता. महिलाओं और पुरुषों की परिस्थितियों और तनाव के लक्षणों को समझकर उनके लिए सही तरीका अपनाना ज्यादा मददगार हो सकता है.
महिलाओं में तनाव कम करने के लिए बार-बार सोचने की आदत को कंट्रोल करना, अपनी सीमाएं तय करना और हार्मोनल बदलावों को समझना मददगार हो सकता है.कुछ आसान तरीके ये हैं कि अपनी परेशानियों को लिखें रोज करीब 10 मिनट अपने तनाव और चिंताओं को कागज पर लिखने से बार-बार सोचने की आदत कम करने में मदद मिल सकती है. जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारी लेने से बचें और जरूरत पड़ने पर ‘ना’ कहना सीखें
आजतक हेल्थ डेस्क