आज के समय में बड़ी संख्या में लोग नाइट शिफ्ट करते हैं. ऐसे में रात में जागना और दिन में सोना धीरे-धीरे उनकी आदत बन जाती है, लेकिन क्या सालों तक नाइट शिफ्ट में काम करने से हेल्थ पर असर पड़ने लगता है? ऐसा करने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? इस सवाल पर मेडिकल साइंस में लंबे समय से चर्चा होती रही है. नाइट शिफ्ट वालों को भी कुछ हेल्थ समस्याएं होने का रिस्क भी होता है. लेकिन क्या कैंसर का खतरा इनको ज्यादा है?
इसका जवाब जानने के लिए हमने गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. वेदांत काबरा से बातचीत की है.
डॉ वेदांत बताते हैं कि लंबे समय तक नाइट शिफ्ट करने से शरीर में कुछ ऐसे बायोलॉजिकल चेंज हो सकते हैं, जो कुछ तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं. हालांकि, इस विषय पर हुई बड़ी मेडिकल स्टडीज के नतीजे एक जैसे नहीं हैं.
लंबे समय तक नाइट शिफ्ट करने से शरीर में क्या बदलता है?
हमारे शरीर की एक प्राकृतिक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं. यह शरीर को बताती है कि कब जागना है और कब सोना है. रात में अंधेरा होने पर शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन बनता है, जो नींद की साइकल को कंट्रोल करने में मदद करता है. जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक रात में काम करता है और दिन में सोता है, तो उसकी ये बॉडी क्लॉक सही नहीं रहती है. इससे नींद, हार्मोन और शरीर की दूसरी प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है.
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क्या नाइट शिफ्ट करने वालों को कैंसर होगा?
डॉ. वेदांत काबरा बताते हैं कि लंबे समय तक नाइट शिफ्ट करने को कुछ कैंसर के रिस्क में गिना जाता है. हालांकि, बड़ी मेडिकल स्टडीज के मेटा-एनालिसिस में इसके रिस्क को लेकर एक जैसे नतीजे नहीं मिले हैं.
मेटा-एनालिसिस में कई रिसर्च के नतीजों को एक साथ मिलाकर देखा जाता है, ताकि किसी विषय पर ज्यादा व्यापक निष्कर्ष निकाला जा सके. डॉक्टर वेदांत के मुताबिक, अगर नाइट शिफ्ट करन वाले और न करने वाले ग्रुप में लाइफस्टाइल से जुड़े फैक्टर एक जैसे हों, तो कुछ कैंसर के रिस्क में खास अंतर नहीं मिला है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट और कैंसर के बीच कोई संबंध हो ही नहीं सकता. बल्कि यह बताता है कि इस संबंध को समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है.
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नाइट शिफ्ट करने वाले अपनी सेहत का ध्यान कैसे रखें?
रात में काम करने वाले लोगों के लिए दिन में पूरी नींद लेना जरूरी है. इसके साथ ही अपने खानपान का ध्यान रखें. रात में बार-बार खाने की आदत से बचें. दिन में सोने के बाद जब उठें तो कुछ समय एक्सरसाइज के लिए जरूर निकाले. इसके अलावा ये भी ध्यान रखें कि अगर शरीर में बीमारी से संबंधित कोई भी लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं. इस मामले में कोई लापरवाही न करें.
आजतक हेल्थ डेस्क