World Hepatitis day 2026 : किन लोगों को जरूर कराना चाहिए हेपेटाइटिस का टेस्ट, डॉक्टर ने बताया क्यों है जरूरी

हेपेटाइटिस एक साइलेंट बीमारी है जो लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर विशेषज्ञों ने ऐसे लोगों के बारे में बताया है जिनको हेपेटाइटिस का टेस्ट जरूर कराना चाहिए.

Advertisement
 hepatitis B वायरस hepatitis B वायरस

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

हेपेटाइटिस एक साइलेंट बीमारी होती है, लेकिन यह आपके लिवर को खराब भी कर सकती है. अगर इसका समय पर पता न चले तो इससे लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर और यहां तक ​​कि लिवर कैंसर का रिस्क भी होता है, लेकिन सही समय पर टेस्ट कराकर इस बीमारी की पहचान आसानी से की जा सकती है. डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ लोग ऐसे हैं जिनको हेपेटाइटिस का टेस्ट जरूर कराना चाहिए. 

Advertisement

जिन लोगों के लिवर टेस्ट में क्रोनिक लिवर की बीमारी या फैटी लिवर हो या फिर लिवर का कोई भी एंजाइम बढ़ा हुआ है तो उनको हेपेटाइटिस का टेस्ट करा लेना चाहिए. इनके अलावा किन और लोगो को यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए इस बारे में एक्सपर्ट ने बताया है.

इन लोगों को जरूर कराना चाहिए हेपेटाइटिस का टेस्ट 

मैक्स हॉस्पिटल, साकेत में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. विकास सिंगला बताते हैं कि यह वायरस मां से बच्चे में वायरस फैलने का खतरा होता है. ऐसे में सभी गर्भवती महिलाओं की हर गर्भावस्था के दौरान हेपेटाइटिस B का टेस्ट जरूर कराना चाहिए, जो लोग ड्रग्स का इंजेक्शन लेते हैं, जो HIV के साथ जी रहे हैं, और जो मरीज लंबे समय से हीमोडायलिसिस करवा रहे हैं, उन्हें भी समय पर हेपेटाइटिस की जांच करवानी चाहिए.

अगर माता-पिता, भाई-बहन, पार्टनर या बच्चों को हेपेटाइटिस B या C होने का पता चला है, तो आपको भी संक्रमण की जाँच करवानी चाहिए. अगर रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो समय पर टीकाकरण से बीमारी के गंभीर लक्षणों को आसानी से काबू में किया ज सकता है. जिनकी बार-बार कोई सर्जरी हुई है, डायलिसिस या इनवेसिव मेडिकल प्रोसीजर हुए हैं, उनको भी हेपेटाइटिस का टेस्ट करा लेना चाहिए.

Advertisement

यह भी पढ़ें: हेपेटाइटिस-बी के इलाज में बड़ी कामयाबी, नई दवा से 5 में से 1 मरीज की बीमारी हुई खत्म, रिसर्च में दावा


शुरुआत में पता चलने से जान बचती है

डॉ. विकास बताते हैं कि क्रोनिक हेपेटाइटिस वाले अधिकतर लोगों में तब तक कोई लक्षण नहीं दिखते जब तक कि लिवर को काफी नुकसान न हो चुका हो, लेकिन एक साधारण  से ब्लड टेस्ट से गंभीर समस्याएं पैदा होने से पहले ही संक्रमण का पता लगाया जा सकता है,  हेपेटाइटिस B को आधुनिक एंटीवायरल थेरेपी से असरदार ढंग से कंट्रोल किया जा सकता है, जबकि हेपेटाइटिस C का इलाज अब ज़्यादातर मरीजों में मुंह से ली जाने वाली दवाओं से संभव है.

यह भी पढ़ें: नवजातों के लिए जानलेवा हो सकता है ट्रंप का सुझाव...डॉक्टर्स ने बताया, क्यों जरूरी है हेपेटाइटिस-बी का टीका

हेपेटाइटिस B का नहीं है कोई इलाज

डॉ विकास कहते हैं कि हेपेटाइटिस बी का कोई इलाज नहीं है. इसको केवल कंट्रोल किया जाता है. ऐसे में सही समय पर पहचान से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »