दिल्ली में 6 गुना बढ़े स्वाइन फ्लू केस... डॉक्टर भी चपेट में, 1700 से ज्यादा मरीज

दिल्ली में बदलते और उमस भरे मौसम के बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इस साल दिल्ली में अब तक 1700 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं.

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H1N1 का खतरा बढ़ रहा है. (Photo- India Today Archive) H1N1 का खतरा बढ़ रहा है. (Photo- India Today Archive)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

दिल्ली में उमस और बदलते मौसम के बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके साथ ही दूसरे रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं. कई डॉक्टर और दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल के प्रमुख के भी H1N1 पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है.

दिल्ली सरकार ने बताया है कि H1N1 के कुल 1,777 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि बुधवार को ही 114 नए केस दर्ज किए गए. लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है. यह बैठक करीब 1:30 बजे होगी, जिसमें दिल्ली में H1N1 की स्थिति और रोकथाम के उपायों की समीक्षा की जाएगी.

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H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के क्या लक्षण हैं?

H1N1 होने पर अचानक तेज बुखार, सूखी खांसी, शरीर में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, ठंड लगना और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी और ऑक्सीजन लेवल कम होने की समस्या भी हो सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, भ्रम की स्थिति, होंठ नीले पड़ना या लक्षण लगातार बिगड़ रहे हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

H1N1 से किन लोगों को खतरा?

बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को H1N1 से गंभीर बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है. डायबिटीज, दिल या फेफड़ों की पुरानी बीमारी और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

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इलाज की बात करें तो ज्यादा जोखिम वाले और गंभीर मरीजों में डॉक्टर एंटीवायरल दवा ओसेल्टामिविर दे सकते हैं. यह बीमारी की शुरुआत के 48 घंटे के भीतर शुरू होने पर सबसे ज्यादा असरदार मानी जाती है. H1N1 में एंटीबायोटिक आमतौर पर जरूरी नहीं होती, जब तक बैक्टीरियल इंफेक्शन न हो.

दिल्ली में बढ़ते H1N1 मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने हालात की समीक्षा की है. दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक, मामलों में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है. स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों के साथ बैठक की, जिसके बाद जरूरी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू करने और बचाव के उपायों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.

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