धड़ल्ले से लोग खा रहे दर्द की ये दवा, यूं बन रही जानलेवा, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे गलती?

सिरदर्द के लिए प्रिस्क्रिप्शन पेनकिलर ट्रामाडोल का इस्तेमाल लोग अधिक करते हैं, लेकिन वो इसके छुपे हुए खतरे से अंजान है. एक नई रिसर्च में सामने आया है कि ट्रामाडोल का इस्तेमाल अधिक समय तक करने पर ये दिल की बीमारियों के जोखिम को डबल कर देता है.

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डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा नहीं लेनी चाहिए. (Photo: AI-generated/freepik) डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा नहीं लेनी चाहिए. (Photo: AI-generated/freepik)

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST

दर्द होने पर लोग दवा लेते हैं और कुछ दवाइयों के नाम तो लोगों के लिए आम हो जाते हैं. जैसे बुखार होते ही लोग सबसे पहले पैरासिटामोल लेने भागते हैं. वैसे ही सिरदर्द में एक दवाई अक्सर लोगों को खाते देखा जाता है. मगर लोग इस बात से बेखबर है कि ये दवा दर्द को ठीक से कम नहीं करती है और इसके साथ ही दिल की बीमारियों के खतरे को दोगुना करने का काम करती है. इस दवा का नाम ट्रामाडोल है, जिसे लेकर हाल ही में एक हुई रिसर्च में यही सामने आया है. 

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ट्रामाडोल एक आम प्रिस्क्रिप्शन पेनकिलर है, इसे अक्सर मरीजों को मध्यम या तेज दर्द के लिए दिया जाता है. लोग इसे मजबूत ओपिओइड्स की तुलना में सुरक्षित ऑप्शन मानते हैं, लेकिन नई रिसर्च बताती है कि यह दर्द को कम करने में ज्यादा असरदार नहीं है और इसके इस्तेमाल से दिल की बीमारी होने का जोखिम बढ़ जाता है.

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल बीएमजे एविडेंस बेस्ड मेडिसिन में पब्लिश हुई एक हालिया सिस्टेमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस नाम की दवा पर फोकस किया है.

रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 51.6 मिलियन यानी 5 करोड़ 16 लाख वयस्क यानी हर पांचवें व्यक्ति को लगातार दर्द की समस्या है. इनमें से 17.1 मिलियन यानी 1 करोड़ 71 लाख लोगों का रोजमर्रा का काम इफेक्ट होता है. इस स्टडी में 19 क्लिनिकल ट्रायल्स और 6,506 मरीजों का डेटा देखा गया, जिनमें ऑस्टियोआर्थराइटिस, फाइब्रोमायल्जिया, न्यूरोपैथिक दर्द और कमर दर्द जैसी दिक्कतें शामिल थीं.

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  • कम असरदार: ट्रामाडोल लेने से लोगों को दर्द में कम राहत मिली, लेकिन यह इतना कम था कि मरीजों को शायद ज्यादा फर्क महसूस नहीं हुआ. 
  • गंभीर स्वास्थ्य जोखिम: ट्रामाडोल लेने वालों में गंभीर दिक्कतों का खतरा लगभग दोगुना था. इसमें दिल से जुड़ी बीमारियां जैसे छाती में दर्द, हार्ट फेल्योर और कोरोनरी आर्टरी डिजीज शामिल हैं.
  • दिल की बीमारियों के अलावा चक्कर आना, कब्ज और सुस्ती जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलीं. रिसर्च में यह भी बताया गया कि कई ट्रायल्स छोटे समय के लिए किए गए थे, इसलिए लंबे समय तक इस्तेमाल होने पर असली खतरे और बढ़ सकते हैं.

दिल के लिए बन सकता है बड़ा खतरा 

ट्रामाडोल को अक्सर ओवर-द-काउंटर दवाओं और मजबूत ओपिओइड्स के बीच सुरक्षित माना जाता है. लेकिन यह नई रिसर्च दिखाती है कि लंबे समय तक लेने पर यह सुरक्षित नहीं हो सकता. दुनिया भर में करोड़ों लोग लगातार दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर हैं, लोग ट्रामाडोल को लंबे समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं. मगर उन्हें इसके दिल से जुड़े खतरे का पता नहीं है तो ये गंभीर समस्या बन सकती है. 

मरीजों और डॉक्टरों के लिए सलाह 

ट्रामाडोल दर्द के लिए अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली दवा है, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. मरीज और डॉक्टर दोनों को इसके जोखिम और लाभ को ध्यान से समझना होगा और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित ऑप्शन अपनाने चाहिए. 

  • लंबी अवधि के लिए ट्रामाडोल के इस्तेमाल की फिर से जांच की जाए.
  • बिना डॉक्टर से सलाह लिए दवा अचानक बंद न करें.
  • बिना दवा के इलाज पर विचार करें, जैसे फिजिकल थैरेपी, एक्सरसाइज, कॉग्निटिव बिहेवियरल थैरेपी, और गर्म/ठंडे सेक.
  • अगर ट्रामाडोल लेना जरूरी है तो कम मात्रा में और कम टाइम के लिए ही खुराक लें.
  • हार्ट हेल्थ की नियमित जांच करें, खासकर उन लोगों के लिए जिनका पहले से दिल कमजोर है. 
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