जहरीली हवा छीन रही है जिंदगी के साल... दिल्ली में 8 तो कोलकाता में चार साल, प्रदूषण पर आया चौंकाने वाला आंकड़ा

एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स 2025 के मुताबिक अगर हवा WHO की सीमा के बराबर साफ होती, तो दिल्ली के लोगों की उम्र 8.2 साल बढ़ सकती थी. कोलकाता में 4.1, हैदराबाद में 3.2, मुंबई में 3.1, चेन्नई में 2.2 और बेंगलुरु में 2.1 साल का फायदा होता. CPCB के आंकड़ों में दिल्ली में 2024 और 2025 में एक भी दिन हवा अच्छी नहीं रही.

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Morning walkers during smog at Kartavya Path in Delhi on December 02, 2025. Photo by Hardik Chhabra Morning walkers during smog at Kartavya Path in Delhi on December 02, 2025. Photo by Hardik Chhabra

दीपू राय

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:59 PM IST

देश की हवा कितनी जहरीली है और इसका हमारी उम्र पर कितना असर पड़ रहा है, इस पर इंडिया टुडे ग्रुप की डेटा इंटेलिजेंस यूनिट ने नया विश्लेषण पेश किया है. एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स 2025 के मुताबिक अगर 2023 में भारत की हवा WHO की तय सीमा पर होती, तो दिल्ली के लोगों की उम्र औसतन 8.2 साल ज्यादा होती. 

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कोलकाता में यह फायदा 4.1 साल, हैदराबाद में 3.2 साल, मुंबई में 3.1 साल, चेन्नई में 2.2 साल और बेंगलुरु में 2.1 साल होता. वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़े बताते हैं कि 2022 से 2026 के बीच इन छह शहरों में 'अच्छी' हवा वाले दिन संख्या में काफी अंतर रहा है. दिल्ली में 2024 और 2025 में एक भी दिन हवा 'अच्छी' नहीं रही. 2026 के आंकड़े 4 नवंबर तक के हैं.

सबसे पहले समझिए कि यह आंकड़ा क्या कहता है. WHO के मुताबिक हवा में महीन कण PM2.5 की सालाना औसत मात्रा 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. भारत के ज्यादातर हिस्सों में हवा इस सीमा से कहीं ज्यादा प्रदूषित है. 

नक्शे में गहरे रंग का मतलब है कि वहां के लोग हवा साफ होने पर ज्यादा साल जी सकते हैं. उत्तर भारत के गंगा के मैदानी इलाके और दिल्ली के आसपास का हिस्सा सबसे गहरे रंग में दिखता है, यानी वहां असर सबसे ज्यादा है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बड़े हिस्से का रंग सबसे हल्का है. नक्शे में ग्रे रंग का मतलब है कि वहां का डेटा उपलब्ध नहीं है.

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अब दिल्ली की बात करें. राजधानी में हालत सबसे खराब है. 2022 में सिर्फ 3 दिन हवा 'अच्छी' रही. 2023 में सिर्फ 1 दिन, 2024 और 2025 में शून्य दिन. 2026 में अब तक 1 दिन ही हवा 'अच्छी' दर्ज हुई है. सर्दियों के महीनों में हर साल हवा 'बहुत खराब' और 'गंभीर' श्रेणी तक पहुंच जाती है, जबकि जुलाई और अगस्त में थोड़ी राहत मिलती है.

यह भी पढ़ें: पहाड़ी राज्यों और दक्षिण भारत में हवा साफ... दिल्ली ही क्यों जूझ रही प्रदूषण से?

कोलकाता में तस्वीर कुछ अलग है. यहां 'अच्छे' दिन 2022 में 94, 2023 में 93, 2024 में 93 और 2025 में 97 रहे. 2026 में अब तक 83 दिन हवा अच्छी रही है. मानसून के महीनों में हवा साफ रहती है, लेकिन सर्दियों में प्रदूषण बढ़ जाता है. फिर भी लंबी उम्र के नुकसान के मामले में कोलकाता दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर है.

मुंबई में 'अच्छे' दिनों की संख्या हर साल काफी बदलती रही. 2022 में 21 दिन, 2023 में सिर्फ 5 दिन, 2024 में 82 दिन और 2025 में 55 दिन. 2026 में अब तक 87 दिन हवा अच्छी रही है. 2023 में एक दिन का बुलेटिन जारी नहीं हुआ था.

हैदराबाद में भी उतार-चढ़ाव दिखता है. यहां 2022 में 48 दिन, 2023 में 5 दिन, 2024 में 29 दिन और 2025 में एक भी दिन हवा 'अच्छी' नहीं रही. लेकिन 2026 में अब तक 50 दिन हवा अच्छी दर्ज हुई है.

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बेंगलुरु में 2022 में 36 दिन, 2023 में 69 दिन, 2024 में 65 दिन और 2025 में 41 दिन हवा 'अच्छी' रही. 2026 में अब तक सिर्फ 14 दिन ऐसे रहे हैं. यानी इस साल यहां हालत पिछले सालों से कमजोर दिखती है.

चेन्नई में 2022 में 70 दिन, 2023 में 32 दिन, 2024 में 52 दिन और 2025 में 36 दिन हवा 'अच्छी' रही. 2026 में अब तक 38 दिन हवा अच्छी रही है. 2023 में एक दिन का बुलेटिन नहीं आया था.

ध्यान रहे कि CPCB के मुताबिक AQI 0 से 50 के बीच होने पर हवा 'अच्छी' मानी जाती है. 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में आती है. 

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