कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐलान किया है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा. पार्टी ने इसे 'जंतर मंतर 2.0' (नाम दिया है. गांधी जयंती के मौके पर सीजेपी के नेतृत्व में हजारों लोग मुंबई के शिवाजी पार्क में जुटे थे.
इसी संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कई महिला पुलिसकर्मी, काले कपड़े पहने हुई एक महिला के बाल खींचती नजर आ रही हैं. वीडियो में काले कपड़ों वाली महिला भी एक पुलिसकर्मी के बाल खींच रही है. कुछ महिलाएं उसे पुलिसकर्मियों के शिकंजे से छुड़ाने की कोशिश कर रही हैं. दावा है कि ये सीजेपी के प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली महिलाओं के साथ पुलिस की बर्बरता का वीडियो है. जैसे, एक फेसबुक यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, "दिल्ली पुलिस को देख लो छात्रों के साथ कैसे मारपीट कर रही है #cjp".
वहीं, कुछ लोग पुलिसकर्मी के बाल खींच रही महिला पर निशाना साधते हुए पुलिस का पक्ष ले रहे हैं. मिसाल के तौर पर, एक एक्स यूजर ने लिखा, "पुलिस पर हाथ उठा रही बाल खींच रही है. इस बिगड़ैल की अच्छे से ख़ातिरदारी करनी चाहिए मज़ाक बना रखा है." वीडियो पर लिखा है, "पुलिस के बाल खीच रही है हिम्मत तो देखो कॉकरोच की.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है. ये दिल्ली के बुध विहार में एक व्यक्ति की मौत से जुड़े मामले से संबंधित है, जिसमें पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच हाथापाई हुई थी.
कैसे पता चली सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे अगस्त 2026 में कई सोशल मीडिया यूजर्स ने शेयर किया था . हमें वायरल वीडियो का एक ऐसा वर्जन मिला जिसमें 'माधव मेडिकोज' नाम की दुकान दिख रही है. सर्च करने पर पता लगा कि ये दुकान दिल्ली के बुध विहार इलाके में है.
इस जानकारी की मदद से और सर्च करने पर हमें 'Delhi Uptodate News' नाम के एक न्यूज पोर्टल पर मौजूद बुध विहार की इस घटना से संबंधित एक ग्राउंड रिपोर्ट मिली. खबर के अनुसार, 31 जुलाई की रात को 30 वर्षीय गणेश नाम के एक हिंदू युवक का शव संदिग्ध हालात में उसके किराए के घर में मिला था. उसके परिजनों ने उसके मुस्लिम मकान मालिक पर उसकी हत्या का आरोप लगाया था. उन्होंने सड़क जाम करते हुए प्रदर्शन किया था. परिवार और आसपास रहने वालों का आरोप था कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के साथ मारपीट की.
'Delhi Uptodate News' की रिपोर्ट में काले कपड़े पहने हुए वही महिला आरोप लगाती है कि सपना नाम की एक पुलिसकर्मी ने उसका मंगलसूत्र छीन लिया और उसके बाल भी खींचे गए. जब रिपोर्टर इस महिला से कहती है, “प्रशासन का कहना है कि ये एक्सीडेंटल मौत है?”, तो वो महिला जवाब में कहती है “उसे जानबूझकर मारा गया है”.
इसी घटना से संबंधित पंजाब केसरी की ग्राउंड रिपोर्ट में एक महिला फोन पर वायरल वीडियो दिखाते हुए कहती है कि काले कपड़ों वाली महिला मृतक की सगी चाची है. इस घटना के बारे में उस वक्त और भी कई खबरें छपी थीं.
साफ है, दिल्ली में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे उसके परिजनों और पुलिस के बीच हाथापाई का वीडियो अब सीजेपी के प्रदर्शन का बताकर शेयर हो रहा है.
ज्योति द्विवेदी