फैक्ट चेक: नेपाल में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के नहीं, ये वीडियो बांग्लादेश के हैं 

सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो नेपाल में धार्मिक जुलूस के दौरान हुए सांप्रदायिक हिंसा के हैं. आजतक की टीम ने इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो नेपाल का है और मुस्लिम समुदाय के लोगों पर हिंदुओं के हमले को दिखाता है.
सच्चाई
ये वीडियो बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी के एक प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक पार्टियों के समर्थकों के बीच हुए टकराव का है.

ऋद्धीश दत्ता

  • कोलकाता,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

नेपाल में धार्मिक जुलूस को लेकर हिंदू और मुस्लिम गुटों के बीच हुए विवाद के बाद पूरे नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी. खबरों के मुताबिक, हिंसा की ज्यादातर घटनाएं नेपाल के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में देखने को मिली हैं. सोशल मीडिया पर इस बवाल के कई वीडियो सामने आए थे. इसी की आड़ में कुछ ऐसे वीडियो भी वायरल हो गए, जिनका नेपाल से कोई लेना-देना नहीं है.

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इस खबर में हम ऐसे ही दो वीडियो की बात करेंगे, जिन्हें शेयर करने वाले कुछ यूजर्स का दावा है कि ये वीडियो नेपाल में हाल ही में हुई हिंसा में मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार को दिखाते हैं.

बांग्लादेश में हुई राजनीतिक झड़प का है ये वीडियो

इस वीडियो में हाथ में लाठी-डंडे लिए हुए कुछ लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं. चारों तरफ अफरातफरी का माहौल देखा जा सकता है. इसे शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, “नेपाल में हिंदू भाइयों ने मौज कर दी. हम उनके साथ हैं.”

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये AL Madina TV के 4 जुलाई के फेसबुक पोस्ट में मिला. कैप्शन के मुताबिक ये घटना बांग्लादेश के गुलिस्तान की है, जहां एक प्रदर्शन के दौरान बीएनपी और अवामी लीग के लोगों ने जमात के लोगों पर हमला कर दिया था.

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गुलिस्तान, बांग्लादेश की राजधानी ढाका का एक रिहायशी इलाका है और तारिक रहमान के नेतृत्व में अभी वहां बीएनपी की सरकार है. जमात-ए-इस्लामी अभी बांग्लादेश का प्रमुख विपक्षी दल है.

कीवर्ड सर्च के जरिए हमें ‘प्रथम आलो’ और ‘द डेली इंकलाब’ समेत कई बांग्लादेशी मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट्स मिलीं. इनके मुताबिक, जमात-ए-इस्लामी ने ढाका के गुलिस्तान में वसूली और अतिक्रमण के विरोध में एक प्रदर्शन का आयोजन किया था. इस प्रदर्शन के दौरान फुलबरिया फ्लाईओवर के नीचे कुछ लोगों ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिसमें 15-20 लोग घायल हो गए थे. जमात-ए-इस्लामी ने इस हमले के लिए सत्तारूढ़ बीएनपी और उसके कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था.

साफ है कि इस वीडियो का नेपाल में हुई किसी घटना से कोई लेना-देना नहीं है.

ये वीडियो भी नेपाल का नहीं है

इस वीडियो में कुछ बच्चे पेड़ से बंधे हुए एक आदमी को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “इस समय नेपाल में मुस्लिम होना कितना मुश्किल है. बड़ा ज़ुल्म हो रहा रहा है जनाब. थोड़ा खैर करे.”

इस वीडियो पर ‘MD.SOIMUL’ नाम का एक यूजरनेम नजर आता है. इस इंस्टाग्राम यूजर ने 15 जुलाई को ये वीडियो पोस्ट किया था. वीडियो के बारे में यहां कोई जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन हमने पाया कि ये बांग्लादेश का एक अकाउंट है.

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वीडियो के इस लंबे वर्जन में एक मस्जिद नजर आती है, जिस पर बांग्ला में 'दक्षिण भिंगलाबाड़ी केंद्रीय जामे मस्जिद' लिखा हुआ देखा जा सकता है. भिंगलाबाड़ी, बांग्लादेश के कोमिला जिले के देवीद्वार उपजिले में स्थित एक गांव है.

हमें गूगल मैप्स पर भी बिल्कुल यही जगह मिल गई. मैप पर वहीं मस्जिद देखी जा सकती है, जो वायरल वीडियो में नजर आ रही है. इसके अलावा, जिस पेड़ से आदमी बंधा हुआ है, वो भी गूगल मैप के स्ट्रीट व्यू पर देखा जा सकता है.

इस वीडियो में आदमी को क्यों मारा जा रहा था, हम पुख्ता तौर पर इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं. लेकिन इतना साफ है कि ये वीडियो नेपाल का नहीं है.

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