फैक्ट चेक: फिल्म शूटिंग का वीडियो दिल्ली में महिला पत्रकारों से पुलिस की बदसलूकी का बताकर वायरल

दिल्ली में दो महिला पत्रकारों ने पुलिस द्वारा हिरासत में मारपीट का आरोप लगाया था, लेकिन वायरल वीडियो की जांच में पता चला कि यह कोई असली घटना नहीं बल्कि शॉर्ट फिल्म की शूटिंग का हिस्सा है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
इस वीडियो में दिल्ली पुलिसकर्मी महिला पत्रकार को बेरहमी से पीटती हुई नजर आ रही हैं.
सच्चाई
ये किसी असल घटना का नहीं, बल्कि एक शॉर्ट फिल्म की शूटिंग का वीडियो है.    

ज्योति द्विवेदी

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

दो महिला पत्रकारों ने हाल ही में आरोप लगाया कि 3 सितंबर को साउथ दिल्ली में एक पब्लिक इवेंट को कवर करने के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और साकेत थाने में उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की.

अब इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें कथित तौर पर एक ‘महिला पुलिसकर्मी’, जमीन पर पड़ी एक महिला को लात मारती नजर आ रही है. जमीन पर पड़ी महिला को इस दौरान रोते हुए भी देखा जा सकता है.

वीडियो पर लिखा है, “दिल्ली पुलिस महिला पत्रकार को बेरहमी से मार रही है. ये पुलिस जब पत्रकार को मार सकती है तो और लोगों के साथ क्या करेगी.” वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोगों ने इस पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये किसी असल घटना का नहीं, बल्कि एक शॉर्ट फिल्म की शूटिंग के दौरान का वीडियो है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 'CineEdge Media-Behind the Scenes' नाम के एक फेसबुक पेज पर 26 जून की पोस्ट में मिला. पोस्ट के डिस्क्रिप्शन में इसे एक फिल्म शूटिंग से संबंधित बताया गया है.

 

यहां वीडियो के साथ ‘#shortfilmseries’ और ‘#uncut’ जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल किया गया है. पेज के बायो सेक्शन के मुताबिक यहां वो अपनी फिल्मों के एक्टिंग सीन और पर्दे के पीछे के सीन के वीडियो पोस्ट करते हैं. वहीं, इनके यूट्यूब चैनल पर शॉर्ट फिल्में अपलोड की जाती हैं. 

वीडियो में दिख रही ‘पुलिसकर्मी’ और भी कई वीडियो में एक्टिंग करती हुई नजर आती है. साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो किसी असल घटना का नहीं है. ये महज एक फिल्म शूटिंग का हिस्सा है.

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साकेत पुलिस स्टेशन के अंदर बदसलूकी का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म 4PM के लिए काम करती हैं. दोनों एक इवेंट को कवर करने गई थीं.

पत्रकारों ने आरोप लगाया कि उनकी मुस्लिम पहचान और सीएम रेखा गुप्ता से सवाल करने की वजह से उनके साथ बदसलूकी की गई. हालांकि पुलिस ने इसका खंडन किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस का दावा है कि पत्रकारों का स्कूटर एक विशिष्ट वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा मार्ग में बाधा डाल रहा था. जब उनसे स्कूटर हटाने को कहा गया, तो उन्होंने सुरक्षा निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें वहां से हटाया गया और थाने ले जाया गया.

इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक और वीडियो शेयर किया जा रहा है. इसमें भी वही ‘महिला पुलिसकर्मी’ नजर आ रही हैं.
 


इस वीडियो के साथ भी दावा किया जा रहा है कि इस पुलिसकर्मी ने एक महिला के साथ दुर्व्यवहार किया और उसके प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया. लेकिन ये वीडियो भी CineEdge Media का है और फिल्म शूटिंग का है. 

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