गौतम गंभीर बोले- पानी की तरह साफ नहीं 'राजनीति', लेकिन साफ नीयत वाले आएं

राजनीति जलेबी की तरह टेढ़ी है या पोहे जैसी नमकीन है? इस पर गौतम गंभीर ने कहा कि राजनीति पानी की तरह साफ नहीं है. सच्ची नीयत और सच्चे इरादे के साथ उतरेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

  • 'पहली बार, संसद के द्वार' सत्र में पहुंचे कई दिग्गज
  • गंभीर बोले- पत्थर फेकेंगे तो पुलिस कार्रवाई करेगी

'एजेंडा आजतक' के 8वें संस्करण के दूसरे दिन 17 दिसंबर को 'पहली बार, संसद के द्वार' सत्र में पूर्व क्रिकेटर व बीजेपी सांसद गौतम गंभीर, गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन और अंडमान निकोबार से कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा शामिल हुए. उन्होंने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया.

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राजनीति जलेबी की तरह टेढ़ी है या पोहे जैसी नमकीन है? इस पर गौतम गंभीर ने कहा कि राजनीति पानी की तरह साफ नहीं है. साफ नीयत और सच्चे इरादे के साथ उतरेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी. मुझे अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है और अभी तक सब ठीक रहा है.

बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि राजनीति में अच्छे काम पर भी विपक्ष क्रिटिसाइज करेगा पर क्रिकेट में ऐसा नहीं है. क्रिकेट में आप अच्छा करेंगे तो आपको प्रोत्साहित किया जाएगा. गंभीर ने कहा कि राजनीति बहुत अच्छी जगह है. इसमें लोगों को आना चाहिए, बस नीयत साफ होनी चाहिए.

गंभीर बोले- भगवा भी मेरा, हरा भी मेरा

नागरिकता कानून और एनआरसी पर गौतम गंभीर ने कहा कि भगवा भी मेरा, हरा भी मेरा. पीएम ने बोला है 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास'. इस बिल को लेकर जो फैलाया जा रहा है वो गलत है. ये सिटिजनशिप देने का बिल है ना की लेने का, लेकिन जो लोग ये फैला रहे हैं कि ये बिल एंटी मुस्लिम है तो वो गलत है. जामिया मामले में गंभीर ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट करेंगे तो सरकार की जिम्मेदारी है कि उस मुद्दे का समाधान निकाले. छात्रों की पिटाई की बात पर गंभीर ने कहा कि ये दुखद है, लेकिन प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए. अगर आप पत्थर फेकेंगे तो पुलिस कार्रवाई करेगी. 

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शेयर किया संसद का अनुभव

संसद के अनुभव पर गौतम गंभीर ने कहा कि किसी ने मुझसे मेरे संसदीय क्षेत्र के बारे में पूछा था. उसने मुझसे गाजीपुर लैंडफिल का जिक्र किया था. ये मेरे लिए शर्म की बात थी. गंभीर ने कहा ये मुद्दा काफी गंभीर है. मैं ये नहीं कह सकता कि मैं 5 साल में इसे खत्म कर दूंगा, लेकिन इसे कम किया जा सकता है. यहां करीब 2 हजार टन रोज कूड़ा आता है. हाल ही में प्रधानमंत्री ने कंपनियों से पूछा है कि इसे कैसे खत्म किया जा सकता है. पिछले छह महीने में 3 ट्रॉमल मशीन लग चुकी हैं. 12 और चाहिए. साथ ही अवेयरनेस भी बहुत जरूरी है.

स्टूडेंट्स को भड़का रहे हैं बाहरी लोग

वहीं, गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने कहा कि लोकतंत्र में शांति से सबकुछ हो सकता है. आप शांति से प्रदर्शन करिए, लेकिन तोड़फोड़ करेंगे तो वो गलत है. मुझे पता चला था कि जामिया में बाहरी लोग घुसे थे, जिसका फायदा तीसरे लोग ले रहे हैं. बाहरी लोग द्वारा ही बच्चों को भड़काया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस बिल के बार में कई लोग समझ नहीं पा रहे हैं, इस बिल से देश के लोगों का लेना-देना नहीं है, जो लोग नागरिकता चाहते हैं, ये बिल उनके लिए है.

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