स्मृति ईरानी का तुलसी विरानी बनकर टेलीविजन पर लौटना छोटे पर्दे की सबसे चर्चित और पसंद की गई वापसी में से एक रहा है. सालों तक राजनीति में सक्रिय रहने के बाद स्मृति ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के साथ एक बार फिर टीवी की दुनिया में कदम रखा. लेकिन कैमरे के सामने उनकी यह वापसी रातोरात नहीं हुई थी. स्मृति ने अब खुलासा किया है कि वापसी से पहले का दौर उनके लिए कैसा था और कैसे उन्होंने खुद काम मांगने के लिए फोन किया था.
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद के दौर को याद किया. उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्होंने अपनी स्थिति को छिपाने की बजाय लोगों के सामने बिल्कुल साफ रखा. उन्हें काम की जरूरत थी और उन्होंने यह कहने में कोई झिझक महसूस नहीं की कि वह नौकरी तलाश रही हैं. इसी फैसले ने आखिरकार उन्हें दोबारा उस टेलीविजन सेट तक पहुंचा दिया, जहां कभी उन्होंने भारतीय टीवी के सबसे लोकप्रिय किरदारों में से एक तुलसी विरानी को जन्म दिया था.
स्मृति ने बताया कि उन्होंने फोन उठाया और उदय शंकर से काम के लिए बात की. उदय शंकर फिलहाल जियोहॉटस्टार और स्टार के वाइस चेयरमैन हैं और ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के ऑफ एयर होने के दौर में टेलीविजन से जुड़े रहे थे. स्मृति ने किसी ऑफर का इंतजार करने के बजाय खुद पहल की और सीधे उनसे पूछा कि क्या उनके लिए कोई काम है.
स्मृति ने कहा कि मैंने फोन उठाया और मीडिया और एंटरटेनमेंट में नौकरी मांगी. मैंने कहा कि मैं बेरोजगार हूं, क्या आप मुझे कोई काम दे सकते हैं? वही उस शख्स थे, जिनकी वजह से मैंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी नौकरी खोई थी. और वही बाद में मेरी इस इंडस्ट्री में वापसी की वजह भी बने.
लंबे वक्त तक टेलीविजन से दूर रहने के बाद अभिनय की दुनिया में लौटना आसान फैसला नहीं था. कभी छोटे पर्दे के सबसे बड़े चेहरों में शुमार रहीं स्मृति के लिए दोबारा कैमरे के सामने खड़ा होना एक नई शुरुआत जैसा था. लेकिन उनका कहना है कि अपने पुराने पेशे में लौटना जितना मुश्किल उन्हें लग रहा था, असल में उतना था नहीं. बल्कि इस वापसी ने उन्हें एक तरह की आजादी का एहसास कराया.
स्मृति ने बताया कि उन्होंने उदय शंकर से साफ शब्दों में कहा था कि उन्हें काम चाहिए. उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा, ‘सर, मेरे पास कोई नौकरी नहीं है. क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?’ उस वक्त उदय विदेश में थे. मेरी बात सुनकर उन्होंने मुझसे पूछा, ‘क्या आपको यकीन है? आप कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं और अब नौकरी मांग रही हैं?’ मैंने उनसे कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि अपने पेशे में वापस लौटने में कोई बुराई है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क