KBC 18: झाड़ू-पोंछा लगाती हैं मां-दिहाड़ी मजदूरी कर चलता है घर, रो पड़े कंटेस्टेंट के पिता, भावुक हुए अमिताभ बच्चन

Kaun Banega Crorepati 18: अमिताभ बच्चन के शो में कंटेस्टेंट विशाल की दर्दभरी दास्तां और संघर्ष सुनकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं. सोशल मीडिया पर लोग विशाल की हिम्मत और हौसले की तारीफ कर रहे हैं.

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कंटेस्टेंट की कहानी सुन नम हुईं सभी की आंखें (Photo: Screengrab) कंटेस्टेंट की कहानी सुन नम हुईं सभी की आंखें (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST

अमिताभ बच्चन के क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में कंटेस्टेंट्स गेम खेलने के साथ अपनी निजी जिंदगी के बारे में भी बातें साझा करते हैं. अमिताभ बच्चन संग बात करते हुए कोई अपनी उपलब्धि गिनाता है,  तो कोई अपने संघर्षों पर बात करता है. अब शो में आए एक मजदूर विशाल प्रेमचंद राठौर ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं.

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विशाल की दर्दभरी दास्तां

शो में महाराष्ट्र के रहने वाले विशाल प्रेमचंद राठौड़ ने हॉट सीट पर पहुंचकर शानदार गेम खेला. साथ ही अपनी दर्दभरी दास्तां भी शेयर की. विशाल ने बताया कि वो एक दिहाड़ी मजदूर हैं. वो दिनभर में सिर्फ 500-600 कमा पाते हैं. उन्होंने बताया कि जब उन्हें काम नहीं मिलता, तो उन्हें खाली बैठना पड़ता है. 

इतने बड़े मंच पर बेटे को खेलता देख विशाल के पिता रो पड़े. उन्होंने हाथ जोड़कर अमिताभ बच्चन से कहा- हम हाथ जोड़ रहे हैं कि हमारे बेटे को अगर कोई छोटी नौकरी मिल जाए. तो हमारा बुढ़ापा निकल जाए. 

 

विशाल को किस बात का डर?

विशाल ने एक दूसरे वीडियो में बताया- मुझे छुट्टी से डर लगता है. मैं रोज मजदूरी के लिए काम पर जाता हूं, जिस दिन मुझे काम नहीं मिलता उस दिन मुझे छुट्टी लेनी पड़ती है और फिर उस दिन के मुझे पैसे नहीं मिलते सर. 

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अमिताभ ने विशाल से पूछा- क्या वो काम पर अकेले जाते हैं? इसपर उन्होंने कहा- नहीं...मैं और पिता जी साथ में जाते हैं. कभी-कभी 12 -1 बजे तक खड़े रहना पड़ता है फिर भी काम नहीं लगता. मां भी काम पर जाती हैं. वो एक कैंटीन में झाड़ू-पोछा लगाने का काम करती हैं. विशाल के साथ शो में उनके माता-पिता और दो बहनें भी आईं. विशाल ने जब अपनी जिंदगी के संघर्षों पर बात की तो सभी रो पड़े. 

 

विशाल को किस बात का है दर्द?

विशाल से अमिताभ बच्चन ने पूछा कि अगर उन्हें अपने पिता को कभी कोई तोहफा देना होगा तो वो क्या देंगे? इसपर विशाल मायूस होकर बोले- सर मैंने कभी अपने पिता जी को कपड़े भी नहीं दिलाए हैं. त्योहार में हर बच्चे की ख्वाहिश होती है कि मां-पिता के लिए अच्छे कपड़े लाएं, मैं अभी तक वो भी नहीं कर पाया. गांव में हमारा छोटा सा घर है. अभी उसकी मरम्मत भी करनी पड़ेगी. बहनों की पढ़ाई चल रही है, वो अच्छे से पढ़ सकेंगी. मैं भी पढ़ाई में ध्यान लगा सकूंगा. 

 

 

विशाल के संघर्ष और दर्दभरी दास्तां सुनकर स्टूडियो में मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं. अमिताभ बच्चन भी भावुक होते दिखे
 

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