मार्वल की फिल्मों और कॉमिक्स में थॉर की हथौड़ी म्योलनिर को ऐसी जादुई चीज बताया गया है, जिसे वही उठा सकता है जो काबिल और दिल से सच्चा हो. कैप्टन अमेरिका से लेकर थॉर तक इस हथौड़ी के साथ काबिलियत की शर्त जुड़ी हुई दिखती है. लेकिन जिस माइथोलॉजी थ्योरी से इस हथौड़ी को लिया है, उस नॉर्स माइथोलॉजी के कई विवरण बताते हैं कि पुरानी पौराणिक कथाओं में ऐसी कोई शर्त नहीं थी. वहां तो म्योलनिर को बहुत भारी, विनाशकारी और साथ ही रक्षा और अनुष्ठान का औजार माना गया.
आपने थॉर की कहानी तो सुनी होगी, आज आप थॉर की हथौड़ी की कहानी सुनिए. क्यूंकि म्योलनिर की कहानी कई परतों में सामने आती है. एक तरफ यह असगार्ड और ऐसिर को सेफ करने वाला थॉर का मुख्य हथियार है, जो दुश्मन पर फेंकने के बाद फिर उसके हाथ में लौट आता है. दूसरी तरफ मार्वल ने 1962 से इसे सुपरहीरो दुनिया के हिसाब से नए नियम, नई शक्तियां और ओडिन के वर्थीनेस वाले जादू के साथ पेश किया.
थॉर का पौराणिक कथाओं से कनेक्शन?
दरअसल नॉर्स कथाओं में थॉर तूफान का देवता है और गड़गड़ाहट को उसकी हथौड़ी के वार की आवाज माना गया. म्योलनिर नाम को आमतौर पर बिजली से जोड़ा गया है, हालांकि इसके अर्थ पर पूरी सहमति नहीं मानी जाती. इन कथाओं में यह दैत्य, ट्रोल और देवताओं व इंसानों के दुश्मनों के खिलाफ थॉर का सबसे अहम हथियार है.
मार्वल कॉमिक्स ने इस पौराणिक हथियार को नई तरह से गढ़ा. स्टेन ली ने 1962 में इसे कॉमिक्स में शामिल किया और बाद की कहानियों में ओडिन को निडावेलिर के कारीगरों से उरु के टुकड़े और गॉड टेम्पेस्ट की ताकत के साथ म्योलनिर बनवाते दिखाया गया.
मार्वल में ओडिन पहले इसे खुद चलाता है और फिर थॉर को देता है. बेटे को विनम्रता सिखाने के लिए ओडिन इस पर ऐसा जादू डालता है कि वही इसे उठा सके जो काबिल हो. इसी नियम की वजह से कैप्टन अमेरिका का इसे उठाना यादगार बनता है. मार्वल में म्योलनिर की शक्तियां भी काफी बढ़ी हुई दिखती हैं. यह हवा, बारिश, गरज और बिजली बुला सकता है, दूसरी दुनियाओं के बीच रास्ता खोल सकता है और कभी-कभी समय के साथ छेड़छाड़ की ताकत भी देता है.
मार्वल का म्योलनिर Vs पौराणिक म्योलनिर
मॉर्वल की ही पुरानी कॉमिक्स में डॉक्टर डोनाल्ड ब्लेक अपनी छड़ी जमीन पर मारकर उसे म्योलनिर में बदलते थे और थॉर बन जाते थे. डोनाल्ड ब्लेक का जिक्र जर्नी इंटू मिस्ट्री #83 से भी जुड़ा हुआ है. जेन फॉस्टर भी म्योलनिर उठाकर थॉर बनीं, लेकिन हर बार रूप बदलने से उनका कीमोथेरेपी इलाज बेअसर हो जाता था. मार्वल की शुरुआती कहानियों में 60 सेकंड वाला नियम भी था. अगर थॉर इतने समय तक हथौड़ी से दूर रहता, तो वह फिर डोनाल्ड ब्लेक बन जाता. वर्थीनेस वाला नियम इसकी एक बड़ी सीमा भी रहा और इसी वजह से हल्क जैसा ताकतवर किरदार भी इसे नहीं उठा सका.
कॉमिक्स और मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में भी फर्क दिखाया गया है. कॉमिक्स में म्योलनिर के जरिए दूसरी दुनियाओं के दरवाजे खुलते हैं, जबकि फिल्मों में यह भूमिका ज्यादा स्टॉर्मब्रेकर से जुड़ जाती है. कॉमिक्स में मौसम पर इसका कंट्रोल भी ज्यादा बड़ा बताया गया है, जबकि फिल्मों में जोर अधिकतर बिजली पर रहता है. डिजाइन में भी फर्क है. फिल्मों वाला म्योलनिर ज्यादा सीधा और सादा दिखता है, जबकि कॉमिक्स में उस पर बारीक नक्काशी और चमकते रून दिखाए जाते हैं.
कुल मिलाकर म्योलनिर की दो बड़ी छवियां साथ-साथ चलती हैं. नॉर्स माइथोलॉजी में यह दैत्यों से लड़ने, आशीर्वाद देने और सुरक्षा देने वाली शक्तिशाली हथौड़ी है, जिसे उठाने के लिए योग्यता नहीं बल्कि ताकत और खास साधनों की जरूरत पड़ती है. वहीं मार्वल ने इसे काबिलियत, जिम्मेदारी, जादुई शक्तियों और सुपरहीरो वाली पहचान से जोड़ दिया. यही फर्क थॉर की हथौड़ी को पौराणिक कथा से लेकर कॉमिक्स और फिल्मों तक अलग-अलग रूपों में खड़ा करता है.
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मोहित ग्रोवर