अभी कुछ दिन पहले तक इंडिया में स्पाइडरमैन की मूवी की धूम थी. जितना हिन्दी फिल्में कमाने का सपने देखती हैं, उतना तो इस फिल्म के हिन्दी वर्जन ने सिर्फ इंडिया में कमा लिया था. एक तरह से स्पाइडरमैन मार्वल का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला कैरेक्टर है, लेकिन एक कमाल की बात ये है कि कभी ये कैरेक्टर बनने ही नहीं वाला था, बनते-बनते रह गया था और रिजेक्ट हो गया था. क्यूंकि 60 साल पहले उसकी शुरुआत ऐसे आइडिया से हुई थी, जिसे मार्वल के पब्लिशर मार्टिन गुडलमैन ने शुरू में पूरी तरह खारिज कर दिया था.
दरअसल, स्टेन ली एक ऐसा सुपरहीरो बनाना चाहते थे जो चमकदार हीरो नहीं, बल्कि न्यूयॉर्क का एक आम टीनएज लड़का पीटर पार्कर हो. वह पिंपल्स, पैसों की तंगी, पढ़ाई के दबाव, प्यार की उलझनों और स्कूल में होने वाली परेशानी से जूझता हो. रेडियोएक्टिव मकड़ी के काटने से ताकत पाने वाले इस लड़के को पहले रिजेक्ट किया गया, लेकिन 1962 में अमेजिंग फैंटेसी के आखिरी अंक में छपते ही वही किरदार मार्वल की सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉमिक बन गया.
स्पाइडरमैन ही क्यूं पॉप कल्चर में ऐसे कई बड़े आइडिया रहे हैं, जिन्हें शुरुआत में हंसी और तिरस्कार मिला. स्टीफन किंग की कैरी 30 बार रिजेक्ट हुई थी और उसकी पांडुलिपि उनकी पत्नी को कूड़ेदान से निकालनी पड़ी थी. अमेरिकी बैंड RIM को कहा गया था कि लूजिंग माई रिलिजन कभी हिट नहीं होगा, क्योंकि उसमें मैंडोलिन है.
स्पाइडरमैन था सबसे घटिया आइडिया
1961 में स्टेन ली और आर्टिस्ट जैक किर्बी ने द फैंटास्टिक फोर बनाया था. ये टीम पहले के सुपरहीरो से अलग थी, क्योंकि इसमें कमियां और मानवीय उलझनें भी थीं. इसकी कामयाबी के बाद मार्टिन गुडलमैन ने ली से और सुपरहीरो बनाने को कहा. तब ली ने स्पाइडर-मैन का आइडिया रखा. गुडलमैन को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया.
ली ने एक इंटरव्यू में इसका ज़िक्र किया कि गुडलमैन ने कहा था कि लोग मकड़ियों से नफरत करते हैं, इसलिए किसी हीरो का नाम स्पाइडरमैन नहीं हो सकता. टीनएजर लड़का हीरो नहीं, सिर्फ साइडकिक हो सकता है. और अगर वह लड़कियों में लोकप्रिय नहीं है, बहुत हैंडसम नहीं है, मजबूत और माचो नहीं दिखता, बल्कि पतला और पिंपल्स वाला स्कूली लड़का है, तो वह हीरो जैसा नहीं लगता.
गुडलमैन ने इसे इतिहास का सबसे घटिया आइडिया बताया और यहां तक कहा कि क्या तुम्हें समझ नहीं कि हीरो कैसा होता है. उन्होंने ली को यह किताब करने की इजाजत नहीं दी.
स्टेन ली ने फिर भी हार नहीं मानी. बाद में उन्होंने कहा कि अगर उन्हें अंदर से यह किरदार अहम नहीं लगा होता, तो वह इतनी कोशिश नहीं करते. अलग से कॉमिक शुरू करने की इजाजत नहीं मिली, तो उन्होंने इस किरदार को मार्वल की रेगुलर एंथोलॉजी अमेजिंग फैंटेसी में डाल दिया, जो एक आखिरी अंक के बाद बंद होने वाली थी.
कमाई के सारे रिकॉर्ड टूट गए
ली ने स्टीव डिटको के साथ मिलकर अमेजिंग फैंटेसी #15 में स्पाइडर-मैन को जिंदा किया, जो 1962 के आखिर में न्यूज़स्टैंड पर पहुंची. जैक किर्बी ने उसका कवर बनाया, जिसमें स्पाइडर-मैन न्यूयॉर्क की सड़क के ऊपर झूलते हुए एक बचाए गए शख्स को बांह में उठाए दिखा.
कॉमिक की आखिरी लाइन में उस मशहूर बात का एक रूप था कि बड़ी ताकत के साथ बड़ी जिम्मेदारी आती है. यह अंक बड़ी कामयाबी बना, अमेजिंग फैंटेसी #15 मार्वल की बेस्ट-सेलर सूची में ऊपर पहुंच गई, और पिछले साल उसकी लगभग बेहतरीन हालत वाली एक कॉपी US$3.6m में बिकी.
इसके बाद गुडलमैन ने तुरंत ली और डिटको को मार्च 1963 से चलने वाली स्पाइडर-मैन सीरीज बनाने का आदेश दिया. स्टीव डिटको, जिन्होंने स्पाइडर-मैन और डॉक्टर स्ट्रेंज के किरदार रचे, 2018 में उनका निधन हुआ.
द फैंटास्टिक फोर की कामयाबी के बाद अगले दो साल में स्टेन ली ने एंट-मैन, द हल्क, स्पाइडर-मैन, आयरन मैन, निक फ्यूरी, द वास्प, डॉक्टर स्ट्रेंज, एक्स-मेन और थॉर जैसे कई किरदार दुनिया के सामने लाने में मदद की. स्पाइडर-मैन के दुश्मनों की लंबी और मजबूत लाइन भी इसी दौर में बनी.
शायद यही वजह है कि इतिहास का सबसे घटिया बताया गया आइडिया आज भी मार्वल का सबसे इंसानी और सबसे असरदार सुपरहीरो बना हुआ है. और फे की उसी हल्की मुस्कान वाली बात में इसका सार भी छिपा है कि आखिरी बार किसने नहीं चाहा होगा कि उसे एक रेडियोएक्टिव मकड़ी काट ले.
स्पाइडरमैन की फ़िल्में
एक्टर: टोबी मैग्वायर
स्पाइडर-मैन (2002)
स्पाइडर-मैन 2 (2004)
स्पाइडर-मैन 3 (2007)
एक्टर: एंड्रयू गारफील्ड
द अमेजिंग स्पाइडर-मैन (2012)
द अमेजिंग स्पाइडर-मैन 2 (2014)
एक्टर: टॉम हॉलैंड
* कैप्टन अमेरिका: सिविल वॉर (2016)
* स्पाइडर-मैन: होमकमिंग (2017)
* अवेंजर्स: इनफिनिटी वॉर (2018)
* अवेंजर्स: एंडगेम (2019)
* स्पाइडर-मैन: फार फ्रॉम होम (2019)
* स्पाइडर-मैन: नो वे होम (2021)
* स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे (2026)
मोहित ग्रोवर