बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू में हुई फायरिंग की घटना के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है. हमले के महज दो दिन बाद टाइगर की कुछ नई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वह बनियान पहने नजर आ रहे हैं. तस्वीरों में उनके शरीर पर चोट के निशान या पट्टियां दिखाई नहीं दे रही हैं.
बस फिर क्या था, सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि आखिर इतनी जल्दी चोट के निशान कैसे गायब हो गए? क्या टाइगर पर हुआ हमला सच में हुआ था या फिर यह कोई पब्लिसिटी स्टंट था?
हालांकि, सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे ये आरोप महज अटकलें हैं. वायरल तस्वीरों से यह साबित नहीं होता कि घटना फर्जी थी या इसे पब्लिसिटी के लिए अंजाम दिया गया था.
दो दिन में ऐसा क्या हुआ कि चोट के निशान ही नहीं दिखे?
दरअसल, टाइगर श्रॉफ की एक नई तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता आशीष शेलार ने मंगलवार को मुलाकात की. इन तस्वीरों में एक्टर बिना शर्ट के ऊपर बनियान पहने बैठे नजर आ रहे हैं. उनके सीने और शरीर पर चोट के निशान साफ नजर नहीं आते. जबकि हमले वाले दिन टाइगर के सीने और हाथ पर पट्टी लगी दिखी थी. उनका एक हाथ बारूद झुलस गया है- ये भी बताया गया था.
लेकिन अब हमले के दो दिन बाद सामने आई तस्वीरों को लेकर लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर इतनी जल्दी उनकी हालत कैसे सामान्य दिखने लगी. इसी अंतर को देखकर कुछ यूजर्स ने घटना पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. कोई इसे पब्लिसिटी स्टंट बता रहा है, तो कोई पूछ रहा है कि अगर एक्टर घायल हुए थे, तो चोट के निशान कहां गए?
लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि तस्वीरों में चोट के निशान नजर नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि चोट लगी ही नहीं थी. तस्वीर कब ली गई, चोट कितनी गंभीर थी और उसका इलाज कैसे हुआ, इन बातों की पुष्टि के बिना किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा.
सोशल मीडिया पर लोग बोले- 'इतनी जल्दी रिकवरी कैसे हो गई?'
टाइगर की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. कुछ यूजर्स ने चोट के निशान नहीं दिखने पर सवाल उठाए, तो कुछ ने पूरे मामले को ही संदेह की नजर से देखा. एक यूजर ने लिखा, 'क्या ये सच में टाइगर हैं? प्लीज बताइए कि उन्हें सच में चोट लगी थी या नहीं.'
वहीं, कुछ लोगों ने हमले को पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए तंज कसा. एक कमेंट में 'Poor script' लिखा गया, जबकि दूसरे यूजर ने सवाल किया कि इतनी जल्दी रिकवरी कैसे हो गई. कुछ लोगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को लेकर भी टिप्पणी की.
हालांकि, ये सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं हैं, किसी जांच या आधिकारिक बयान से साबित हुई बातें नहीं.
मामूली खरोंच थी तो निशान दिखना जरूरी है क्या?
इस पूरे विवाद का एक दूसरा पहलू भी है. कहा जा रहा है कि टाइगर को बेहद मामूली खरोंचें आई थीं. अगर चोट मामूली थी, तो दो दिन बाद तस्वीरों में उसके निशान साफ नजर न आना कोई असामान्य बात नहीं है. इसके अलावा, तस्वीर की रोशनी, एंगल और क्वालिटी भी चोट के निशान दिखने या न दिखने पर असर डाल सकती है. इसलिए सिर्फ वायरल तस्वीरों के आधार पर यह दावा करना कि हमला फर्जी था, सही नहीं होगा.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क