शेखर सुमन यूट्यूब पर अपना वीकेंड शो 'शेखर टुनाइट' लेकर आते हैं, जहां वो देश में चल रहे मुद्दों पर व्यंग करते हैं. इस शो पर उन्होंने देश में हो रहे CJP प्रोटेस्ट पर भी बात की थी. एक्टर ने नीट प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों के साथ जो कुछ हुआ, उसपर सरकार से सवाल किया था. अब एक बार फिर शेखर सुमन ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
CJP आंदोलन को शेखर सुमन का समर्थन
द लल्लनटॉप से बातचीत के दौरान उनसे CJP के आंदोलन को लेकर सवाल पूछा गया था. उनसे कहा गया कि देश में प्रदर्शन होने वाला है, वो इसे किस तरह देखते हैं? तो इसपर कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना बिल्कुल सही है और ऐसा होना भी चाहिए.
शेखर सुमन ने कहा- प्रोटेस्ट तो देखिए, राजनीति और समाज का भी एक हिस्सा है. प्रोटेस्ट तो हम तब से करते हैं, जब हम छोटे होते हैं और हमें कुछ नहीं मिलता, तो हम घर में प्रोटेस्ट शुरू कर देते हैं. हमें ये चाहिए, वो चाहिए. आगे बढ़ते हैं, फिर हम स्कूल में जाते हैं. वहां भी प्रोटेस्ट होते हैं, कॉलेज में प्रोटेस्ट होते हैं. हर जगह प्रोटेस्ट होते हैं.
'अगर शांतिपूर्ण ढंग से प्रोटेस्ट किया जाए और हिंसात्मक ना हो, तो मेरे ख्याल से बहुत सही है और होना भी चाहिए. जब कोई चीज वैसे नहीं होती, तो उसके लिए आपको थोड़ी और मेहनत करनी पड़ती है और आवाज उठानी पड़ती है. गांधी जी ने कम से कम हमें ये सिखाया कि अगर आपकी मांगें पूरी नहीं हो रही हैं, तो प्रोटेस्ट करना शुरू कीजिए.'
शांतिपूर्ण आंदोलन को सही मानते हैं एक्टर
शेखर सुमन के मुताबिक, जब जनता सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाती है, तो सरकार भी उस पर ध्यान देती है. उन्होंने कहा, 'जब जनता की एक सामूहिक आवाज उठती है, तो सरकार भी उस पर थोड़ी तवज्जो देती है, थोड़ा ध्यान देती है. ये होते रहना चाहिए. ये एक बहुत ही खूबसूरत प्रक्रिया है, जिस पर रोक नहीं लगनी चाहिए. हर इंसान को अपनी जगह और अपने मकसद के लिए प्रोटेस्ट करना चाहिए. मैं इसे समाज में एक बहुत ही पॉजिटिव चीज की तरह देखता हूं.'
शेखर सुमन ने आगे चुनाव आयोग के खिलाफ वोट के अधिकार और इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर भी बात की. उन्होंने कहा- अगर विपक्ष के एक वर्ग को लगता है कि यहां कोई गलती हुई है और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं, तो उसकी जवाबदेही तो होनी चाहिए. वो प्रोटेस्ट बिल्कुल सही है. अब देखें कि सरकार कैसे रिएक्ट करती है और उसका क्या जवाब निकलकर आता है.
शेखर सुमन ने इस मुद्दे को सामने लाने में मीडिया की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर अक्सर आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे को उठाकर एक साहस भरा काम किया है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क