'सवाल पूछने वाला दिमागी नक्सल होता है, तो हां मैं हूं दिमागी नक्सल', विवाद पर शेखर सुमन की सफाई

शेखर सुमन ने अपने शो शेखर टुनाइट पर केंद्र सरकार को लेकर 'व्यंग' किया था, जिसपर काफी बवाल खड़ा हुआ. अब इस विवाद पर एक्टर ने खुलकर बात की, और अपनी बातों का बचाव भी किया.

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सरकार के खिलाफ बोले थे शेखर सुमन (Photo: ITGD) सरकार के खिलाफ बोले थे शेखर सुमन (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:00 AM IST

बॉलीवुड एक्टर शेखर सुमन अपने शो 'शेखर टुनाइट' के लिए जाने जाते हैं. इस शो में उनका एक सेगमेंट होता है, जहां वो सरकार पर 'व्यंग' करते हैं. एक एपिसोड में उन्होंने केंद्र सरकार पर व्यंग करते हुए सवाल उठा दिए थे, जिसपर काफी बवाल भी हुआ था. ये मौका नीट पेपर लीक पर हुए तगड़े विवाद का था, जिसमें शेखर ने सरकार पर बातों ही बातों में निशाना साध दिया था. अब उन्होंने इसपर खुलकर बात की है. 

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सरकार की आलोचना पर बोले शेखर सुमन

शेखर सुमन द लल्लनटॉप से बातचीत में इस मुद्दे पर बात करते हैं, जब उन्होंने केंद्र सरकार पर ही सवाल उठा दिए थे. पहले उनसे पूछा गया कि वो अपना ये 'व्यंग' से भरा शो शेखर टुनाइट एक नए अंदाज के साथ जब ला रहे थे, तब क्या उन्हें डर नहीं लगा? तो इसपर एक्टर ने सीधा जवाब दिया- जो डर गया, वो घर गया. जो सच है, उसे सच की तरह ही दिखाएं. 

इस इंटरव्यू में आगे शेखर सुमन की एक लाइन का भी जिक्र किया गया, जिसमें वो कह रहे थे कि अगर सवाल पूछने वाला दिमागी नक्सल होता है, तो हां मैं हूं दिमागी नक्सल. इसपर एक्टर-प्रोड्यूसर ने कहा- अगर क्लास का मॉनिटर गलती करेगा, तो स्टूडेंट बिलबिलाते हुए उसी से तो पूछेंगे ना, और किससे पूछेंगे. मॉनिटर कोई भी हो, उससे फर्क नहीं पड़ता है. 

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इसके बाद उनके शो की एक और लाइन कोट की गई, जिसमें वो कह रहे थे कि अगर मौजूदा सरकार की रफ्तार देखनी है, तो वहां देखें जहां माननीय मोदी जी पर बनाया कोई मजाकिया वीडियो इंटरनेट से हटाया हो. इसपर सफाई देते हुए शेखर सुमन बोले- हो रहा है, ये सब को दिख रहा है. अकांउटेबिलिटी-जिम्मेदारी भी तो किसी की होनी चाहिए. 

'चाहे कोई और होता, बात तो यही होती कि कोई एक जगह से वीडियो अपलोड करता है और दूसरे पल वो वीडियो दूसरी जगह से हटाया जाता है. लेकिन बात ये है कि जब जनता पर इसका असर पड़ता है, तब वो विद्रोह करती है. जनता अपनी आवाज उठाती है और इतिहास इन दोनों बातों को कभी नहीं भूलता.'

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