बॉलीवुड सितारों पर हो रहे हमलों और लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क को लेकर अभिनेता राज बब्बर ने बड़ा बयान दिया है. टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि जैकी श्रॉफ उनके परिवार जैसे हैं और उन्हें शुक्र है कि उनका बच्चा सुरक्षित है. राज बब्बर ने बीजेपी शासित राज्यों में बढ़ते अपराध और नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा, साथ ही साबरमती जेल से लॉरेंस बिश्नोई को बाहर न भेजे जाने के नियमों पर भी सवाल उठाए. अपनी सुरक्षा और डर को लेकर उन्होंने कहा कि जब मौत आनी होगी, तो कोई बचा नहीं पाएगा, इसलिए डरने का क्या फायदा.
बीजेपी शासित राज्यों में बढ़ा क्राइम
राज बब्बर ने आजतक से बातचीत में कहा कि ऐसी घटनाएं डर का माहौल पैदा करती हैं और इसे रोकना सरकार की जिम्मेदारी है. राज ने दुख जताते हुए कहा कि बहुत दुर्भाग्य की बात है जो टाइगर के साथ जो हुआ. जैकी मेरे अच्छे दोस्त हैं. उनके बेटे के साथ जो हादसा हुआ ईश्वर ने उसको बचाया.
इसी के साथ राज ने बीजेपी सरकार को भी घेरा और कहा कि- उनकी सरकार जहां पर हैं वहां पर क्राइम या रेप बहुत ज्यादा बढ़ चुका है. ड्रग्स और क्राइम इस कदर बढ़े हुए हैं, जिसकी कोई सीमा नहीं है. ये सभी को दिखाई दे रहा है. यहां हरियाणा वहां महाराष्ट्र है. कहीं भी अपराध कम नहीं है. यहां भी कम नहीं है क्राइम, किस तरह से ड्रग्स की खपत बढ़ती चली जा रही है. नौजवान गर्त में डूब रहा है. वहां भी जो हो रहा है किसकी शय में हो रहा है, जिसका नाम बार बार आ रहा है. वो नाम का व्यक्ति भी साबरमति जेल में बंद है. वो पूरी तरह से बंद है, वहां से कहीं जा ही नहीं सकता है. इतनी संरक्षण में है.
राज ने आगे कहा- तो इसके मायने एकदम साफ हैं. अब आपको पता है कि उस व्यक्ति का नाम आ रहा है, सब कह रहे हैं, पुलिस भी, तो आप क्या कर रहे हैं. ऐसा कौन सी जेल है. जहां पर ऐसा हो रहा है वहां जाकर क्यों नहीं शिनाख्त की जाती है. क्यों नहीं पूछताछ की जाती है. इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है.
बॉलीवुड में है डर का माहौल
राज ने बॉलीवुड सेलेब्स पर हो रहे हमलों को सरकार की नाकामी से जोड़ा और कहा- इस तरह की घटनाएं जब होती हैं तो डर तो पैदा होता ही है. एक जमाने में डी ग्रूप था, उसका भी डर था. फिर कांग्रेस की सरकार आई तो इसको खत्म कर दिया. महाराष्ट्र का संचार तब सही तरीके से चल रहा था, अब फिर बिगड़ गया. इसमें सरकार का ही फेलियर है. आपके पास कौन सी कमी है. आपके पास खुफिया एजेंसी हैं, आप क्यों नहीं इस मैटर को देख रहे हैं. कहां पर गलती हो रही हैं, कहां पर कमजोरी है. देखना चाहिए.
नीरज वशिष्ठ