राजकुमार हिरानी की फिल्मों का स्टाइल काफी दिलचस्प होता है. एक ही फिल्म में कॉमेडी, ड्रामा, सस्पेंस- सब चीजों का बेजोड़ मिश्रण दिखता है. ऐसे में क्या हो अगर वही सारा मसाला एक वेब सीरीज में डाला जाए, जिसमें थोड़ा सा धैर्य भी जोड़ दें? नतीजा- सोने पर सुहागा ही होगा. मुन्नाभाई, 3 इडियट्स, पीके जैसी मास्टरपीस फिल्में बनाने वाले राजकुमार हिरानी बतौर क्रिएटर अपना नया वेब शो प्रीतम एंड पेड्रो लाए हैं.
इसमें उन्होंने लगभग 20 साल बाद अरशद वारसी को कास्ट किया, जो आखिरी बार मुन्नाभाई में सर्किट बने थे. उनके साथ-साथ राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी ने भी अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है. शो के टीजर-ट्रेलर काफी दिलचस्प थे. अरशद भी राजकुमार हिरानी के साथ मिलकर इसे काफी प्रमोट कर रहे थे. अब क्या ये सीरीज प्रीतम एंड पेड्रो उतनी शानदार बनी है, जितनी डायरेक्टर की फिल्में रहीं? आइए, आपको विस्तार से बताते हैं.
प्रीतम और पेड्रो की मस्त है कहानी
कहानी है गोवा की, जहां एक पुलिस वाला पेड्रो गोंसाल्विस (अरशद वारसी) क्राइम ब्रांच में काम करता है. एक दिन उसकी मुलाकात प्रीतम (वीर हिरानी) से होती है, जो पुलिस स्टेशन में अपने दादा का खोया हुआ टेप रिकॉर्डर ढूंढने की शिकायत से आया है. पेड्रो के पास एक ATM चोरी का केस आया हुआ है, जिसे सुलझाने के लिए उसे प्रीतम का सपोर्ट मिलता है.
प्रीतम एक टेक जीनियस है, जो मिनटों में चीजें हैक करके केस सुलझा देता है. लेकिन वो ये काम एक दर्दनाक हादसे की वजह से छोड़ चुका है. पेड्रो अपनी एक गलती की वजह से साइबर सेल में ट्रांसफर हो जाता है, जहां उसे कंप्यूटर का C भी नहीं पता. ऐसे में उसकी प्रीतम संग जोड़ी बन जाती है.
एक दिन प्रीतम और पेड्रो के पास मिनिस्टर के बेटे का केस आता है, जो दरअसल किडनैप हो चुका है. उसकी किडनैपिंग के पीछे मार्टिन (विक्रांत मैसी) का हाथ है जो एक तगड़ा हैकर है. प्रीतम और मार्टिन का एक दिलचस्प पास्ट है, जिसमें प्रीतम की सच्चाई भी छिपी है. अब क्या प्रीतम और पेड्रो मिलकर मार्टिन जैसे जीनियस आदमी से मिनिस्टर के बेटे को छुड़ा पाएंगे? यही इस शो का बेसिक प्लॉट है.
साइबर क्राइम-थ्रिलर का खेल
आमतौर पर सस्पेंस-थ्रिलर शोज या फिल्मों में यही कमजोरी देखी जाती है कि हर कोई आने वाले ट्विस्ट्स पहले से ही प्रीडिक्ट कर लेता है. लेकिन प्रीतम और पेड्रो शो इस बात को सही साबित नहीं होने देता. जो कुछ आप इसमें देखते हैं, वो आपके लिए थोड़ा सरप्राइज जैसा होता है. इसकी राइटिंग डिपार्टमेंट की तारीफ बनती है, जिन्होंने अपने शो के सब्जेक्ट के ही मुताबिक इसका स्क्रीनप्ले लिखा. एक शो में साइबर क्राइम की कहानी इतनी बेहतरीन तरीके से, वो भी पूरे मजे के साथ काफी कम देखी जाती है.
राजकुमार हिरानी, अभिजात जोशी, स्वानंद किरकिरे और बाकी जितने भी राइटर्स ने इसे लिखा है, वो तारीफ के काबिल हैं. हर एपिसोड में उतनी ही दिलचस्पी बनी रहती है, जितनी एक क्राइम थ्रिलर सीरीज से होती है. कॉमेडी, सस्पेंस, ड्रामा का बढ़िया तालमेल बिठाया गया है. ये सीरीज आपको राजकुमार हिरानी की पिछली फिल्मों से अलग फील भी देगी. हालांकि म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर इसका सबसे कमजोर हिस्सा रहा.
वहीं डायरेक्शन की बात करें, तो अविनाश अरुण और अमित सत्यवीर सिंह ने अच्छा काम किया है. उन्होंने राजकुमार हिरानी के स्टाइल को पूरे शो में बरकरार रखा. कहानी में सही टाइम पर सही इमोशन्स डाले, जिससे इसकी पेसिंग पर भी कोई असर नहीं पड़ा. ये 6 एपिसोड की सीरीज आपको सीट से बांधे रखती है. आधे घंटे के एपिसोड्स शुरू होते ही कब खत्म हो जाएंगे, आपको मालूम भी नहीं पड़ेगा.
अरशद का कमाल, वीर की अच्छी कोशिश
राजकुमार हिरानी के बेटे वीर ने अपने डेब्यू पर अच्छा काम किया है. अभी उनकी शुरुआत हुई है, एक नए कलाकार के रूप में देखा जाए तो उनकी कोशिश नाकाम नहीं रही. उन्होंने अपने सीन्स को अच्छे से कैरी किया, सही तरीके से इमोशन्स को कैमरा पर उतारा और अंत में एक सुकून वाली परफॉरमेंस दी. एक टेक जीनियस के रोल को उन्होंने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ निभाया है.
वहीं उनके जोड़ीदार बने अरशद वारसी एक बार फिर दिल जीतकर ले जाते हैं. पुलिस ऑफिसर के रोल में उनका काम बेहतरीन है. उन्हें स्क्रीन पर देखकर ऐसा लगता है कि जैसे वो किसी को निराश करने के लिए बने ही नहीं हैं. सीरीज में उनका भी किरदार दमदार है, जिसे देखने में आपको जरूर मजा आएगा. असुर वेब सीरीज के बाद, ये अरशद का दूसरा शो है जो काफी कामयाब दिखता है.
विक्रांत मैसी जो इस फिल्म में विलेन बने हैं, उनका काम भी तगड़ा है. एक्टर ने वीर और अरशद को सही टक्कर दी है, जिसकी उनसे उम्मीद भी थी. विक्रांत के किरदार का भी एक मकसद दिखाया जाता है, जो शो का लेवल बढ़ाने के लिए एक बढ़िया ट्विस्ट रहा. इनके अलावा बोमन ईरानी, मोना सिंह भी इस वेब शो का हिस्सा हैं, जो कैमियो अपीयरेंस में दिखे हैं.
बच्चों के साथ जरूर देखें ये शो
प्रीतम और पेड्रो शो को राजकुमार हिरानी ने अपनी फिल्मों की तरह फैमिली फ्रेंडली रखा है. ये बाकी ओटीटी शोज की तरह वल्गर या गाली गलोच से भरा नहीं है, जिसे आप किसी के साथ बैठकर नहीं देख सकते. इस शो की कहानी खासतौर पर बच्चों के लिए बनाई गई है, जो आज के समय में इंटरनेट के जाल में फंस चुके हैं. ऑनलाइन गेम्स खेल-खेलकर उन्होंने अपनी जिंदगी बर्बाद कर दी है. ऐसे में आपको ये शो अपने बच्चों के साथ बैठकर देखना चाहिए. आपको इससे काफी कुछ सीखने मिलेगा और इसे देखने में आपको निराशा भी महसूस नहीं होगी.
पर्व जैन