रणबीर कपूर की 'रामायण' रिलीज से पहले ही चर्चा में है. अब फिल्म के गाने 'रावण तांडव' को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. ए.आर. रहमान के म्यूजिक के साथ डॉ. कुमार विश्वास के लिखे लिरिक्स भी कुछ लोगों को पसंद नहीं आए. यूजर्स एआर रहमान को तो हटाने की मांग कर ही रहे हैं साथ ही कुमार के लिखे लिरिक्स की तुलना भी आदिपुरुष से कर दे रहे हैं.
बॉलीवुड की मच अवेटेड फिल्म रामायण को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है, लेकिन अब इसके गाने 'रावण तांडव' ने एक नई बहस छेड़ दी है. फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे साउथ स्टार यश इस गाने में भगवान शिव की आराधना करते नजर आते हैं. मगर गाना रिलीज होते ही कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसके म्यूजिक और लिरिक्स पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
सबसे ज्यादा चर्चा डॉ. कुमार विश्वास के लिखे बोलों को लेकर हो रही है. कुछ लोगों का कहना है कि रामायण जैसे भव्य पौराणिक विषय पर बने गाने में जिस भक्ति, दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा की उम्मीद थी, वह महसूस नहीं होती. उनके मुताबिक, लिरिक्स में वह गहराई और प्रभाव नजर नहीं आया, जो रावण की शिवभक्ति को एक यादगार संगीत अनुभव बना सके.
कुमार विश्वास के लिरिक्स पर क्यों उठ रहे सवाल?
रावण और भगवान शिव का संबंध रामायण की सबसे प्रभावशाली कथाओं में से एक है. ऐसे में रावण की शिव आराधना पर आधारित गाने से दर्शकों को दमदार शब्दों, गहरी भक्ति और रोंगटे खड़े कर देने वाले संगीत की उम्मीद थी. लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने गाने के बोलों को साधारण बताते हुए निराशा जाहिर की है.
यूजर्स का मानना है कि ऐसे भव्य दृश्य और पौराणिक प्रसंग के लिए लिरिक्स में आध्यात्मिक गहराई के साथ एक अलग तरह का ओज भी होना चाहिए था. हालांकि, ये सोशल मीडिया पर सामने आ रही प्रतिक्रियाएं हैं और इन्हें सभी दर्शकों की राय नहीं माना जा सकता.
'शिव तांडव' से तुलना, अजय-अतुल का नाम चर्चा में
गाने को लेकर बहस सिर्फ लिरिक्स तक सीमित नहीं है. कुछ लोग ए.आर. रहमान और हंस जिमर के संगीत की तुलना फिल्म आदिपुरुष के 'शिव तांडव' से कर रहे हैं, जिसे अजय-अतुल ने कंपोज किया था. कुछ यूजर्स का कहना है कि नए गाने में वैसा जोश और भावनात्मक असर महसूस नहीं हुआ, जिसकी उनसे उम्मीद थी. कुछ ने तो फिल्म के दूसरे पार्ट के लिए अजय-अतुल को संगीत देने का सुझाव भी दिया है.
हालांकि, 'रावण तांडव' का प्रमोशनल वर्जन 1 मिनट 55 सेकंड का है, जबकि फिल्म में गाना कथित तौर पर करीब चार मिनट का बताया जा रहा है. ऐसे में पूरे गाने को सुने बिना उसके संगीत और लिरिक्स पर अंतिम राय देना जल्दबाजी हो सकती है.
फिलहाल, रामायण के इस गाने को लेकर बहस जारी है. अब देखना होगा कि फिल्म में पूरा गाना सामने आने के बाद दर्शकों की राय बदलती है या कुमार विश्वास के लिरिक्स और रहमान के संगीत को लेकर उठे सवाल और तेज होते हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क