डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म हनुमान अंश पर हनुमान जी की ऐसी कृपा बरसी है कि ये हर दिन बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है. बीते दिन रविवार को इसने अपनी कमाई में सबसे बड़ा जंप लिया. फिल्म अब ऐतिहासिक बन चुकी है, जिसे कामयाब बनाने में सभी कलाकारों का योगदान रहा. नीम करोली बाबा के किरदार में शोभिनव सत्य को काफी पॉपुलैरिटी मिली.
शोभिनव ने जिस सच्चे भाव से नीम करोली बाबा का रोल निभाया, उसे देखकर कई लोग उन्हें उनका अंश मानने लगे थे. एक्टर की एक तरह से पूजा होने लगी, लोग उन्हें देखकर उनके पांव छूने लगे. शोभिनव सत्य की इस एक्टिंग पर उनके को-स्टार चंदन आनंद भी फिदा हुए. उनका कहना है कि एक्टर ने नीम करोली बाबा के किरदार को सिर्फ निभाया नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह से जी लिया.
नीम करोली बाबा बने शोभिनव
चंदन आनंद, जिन्होंने फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले की भूमिका निभाई, उन्होंने जूम से बातचीत में शोभिनव की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा- ओह माय गॉड, उन्होंने बाबा जी को पूरी तरह अपने अंदर उतार लिया था. जब मैं पहली बार उनसे मिला, तभी से मैं उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित हो गया था.
चंदन ने शोभिनव के स्वभाव की भी तारीफ करते हुए कहा- कोई इंसान इतना विनम्र, इतना सरल और जमीन से जुड़ा हुआ कैसे हो सकता है? ऐसा मेन रोल निभाने और मुंबई में रहने के बावजूद शोभिनव के अंदर बिल्कुल भी घमंड नहीं है. वो खुद भी एक ऐसी आत्मा हैं, जिन्हें ईश्वर का आशीर्वाद मिला है और डायरेक्टर की नजर भी बहुत कमाल की है. शानदार खोज.
फिल्म हनुमान अंश में काम करने के अनुभव ने चंदन आनंद की सोच पर भी गहरा असर डाला. उन्होंने बताया कि इस फिल्म के बाद जिंदगी के मकसद, जीवन के अर्थ और खुद को देखने का उनका नजरिया बदल रहा है. उन्होंने कहा- हां, इसने मेरी सोच और जिंदगी के मकसद, जीवन के अर्थ और मैं जैसा हूं, उसे समझने के मेरे तरीके को पूरी तरह बदल दिया है. मैं अभी इस प्रक्रिया से गुजर रहा हूं. मुझे लगता है कि मुझे ये फिल्म दोबारा देखनी पड़ेगी. एक बार देखना काफी नहीं है, क्योंकि फिल्म का अर्थ काफी गहरा है.
डॉ. राम नंदन भोसले बने थे चंदन आनंद
चंदन आनंद ने आगे फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले का किरदार निभाने पर भी बात की. आमतौर पर ऐसे किरदारों को निभाने के लिए एक्टर्स काफी रिसर्च, तैयारी और रिहर्सल करते हैं. लेकिन उन्होंने बताया कि कम बजट में बनी फिल्म होने के कारण उन्हें इतनी लंबी तैयारी करने का मौका नहीं मिला. चंदन ने कहा- हम सभी जानते हैं कि कम बजट वाली फिल्मों में 10-12 रिहर्सल और लंबी चर्चाओं के लिए उतना समय नहीं होता. जो कुछ आप पर्दे पर देखते हैं, उनमें से ज्यादातर सीन हमारे पहले टेक में ही शूट किए गए हैं.
'इसलिए किरदार अपने आप सामने आता चला गया. ये मेरी तरफ से की गई कोई जादुई परफॉर्मेंस नहीं है, बल्कि ऐसा लगा जैसे ये किरदार मेरे जरिए खुद सामने आया हो. मेरे लिए हनुमान अंश सिर्फ एक फिल्म नहीं रही, बल्कि एक आध्यात्मिकता को समझने और जिंदगी को देखने के नजरिए को बदलने वाला अनुभव बनी. साथ ही, मुझे शोभिनव सत्य के नीम करोली बाबा के किरदार में एक बेहद सच्ची और गहरी परफॉर्मेंस देखने का मौका मिला.'
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क