उर्फी जावेद एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका फैशन नहीं बल्कि उनकी आस्था है. हाल ही में धर्म परिवर्तन की अफवाहों पर खुलकर जवाब देने वाली उर्फी अब गुवाहाटी के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर पहुंचीं.
माथे पर बड़ा लाल टीका, सिर पर दुपट्टा और गले में चुनरी ओढ़े उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. उर्फी का सादगी भरा अंदाज फैंस को खूब पसंद आया.
लेकिन उनके इस पूजा-दर्शन ने सोशल मीडिया यूजर्स को एक डिस्कशन का टॉपिक भी दे दिया. क्योंकि उर्फी को लेकर हाल ही में कहा गया था कि वो अपना धर्म परिवर्तन कर चुकी हैं.
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि उर्फी ने अपना धर्म बदल लिया है. इतना ही नहीं, उनके नाम को बदलकर 'रीता भारद्वाज' रखने जैसी बातें भी वायरल होने लगी थीं. इन अफवाहों ने इंटरनेट पर खूब हलचल मचा दी थी.
इन दावों पर चुप रहने के बजाय उर्फी ने तुरंत जवाब दिया. उन्होंने वायरल वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए साफ कहा कि उनके बारे में फैलाई जा रही बातें पूरी तरह झूठी हैं. साथ ही फेक न्यूज फैलाने वालों को जमकर लताड़ भी लगाई.
उर्फी ने लिखा- कैसे-कैसे चोमू लोग अपने आपको मीडिया बताते हैं. आंटी प्लीज थोड़ा होमवर्क कर लीजिए. मैंने कभी अपना नाम और धर्म नहीं बदला. मैं किसी धर्म में यकीन नहीं रखती हूं. उनके इस बयान ने धर्म परिवर्तन की अफवाहों पर विराम लगा दिया.
यही नहीं, उर्फी ने अपने बेबाक अंदाज में आगे लिखा- मैं सिर्फ कपड़ों से ही नंगी नहीं हूं, बल्कि अपने शब्दों में भी नंगी हूं... लेकिन आज मेरा मूड नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने ट्रोल्स को साफ मैसेज दिया कि क्रिटिसाइज करें, लेकिन झूठ फैलाकर नहीं.
उर्फी की इन तस्वीरों को देखकर भले ही सोशल मीडिया पर फिर चर्चाएं शुरू हो गईं. लेकिन साथ ही उनका पुराना बयान भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया था कि मंदिर में जाना या किसी धार्मिक स्थल पर दर्शन करना, धर्म बदलने का मतलब नहीं होता.
All Photos: Instagram @urf7i