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शादी कर विदेश में बसी 'कुछ कुछ होता है' की छोटी अंजलि, 6 साल तक अकेले झेली बीमारी, कैसे बदली जिंदगी?

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:33 PM IST
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'कुछ कुछ होता है' में शाहरुख खान की बेटी छोटी अंजलि बनकर सबका दिल जीतने वाली सना सईद अब पूरी तरह भारत छोड़कर अमेरिका में बस चुकी हैं. साल 2021 में उन्होंने हमेशा के लिए मुंबई से लॉस एंजेलिस शिफ्ट होने का फैसला लिया. आज वो अपने पति साबा वैग्नर (Csaba Wagner) के साथ अपनी प्रोडक्शन कंपनी चला रही हैं.
 

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सना ने बताया कि वह पहली बार साल 2016 में एक्टिंग और फिल्ममेकिंग सीखने के लिए लॉस एंजेलिस गई थीं. उसी दौरान उन्हें एहसास हो गया था कि एक दिन उन्हें यहीं लौटना है. हिंदुस्तान टाइम्स से उन्होंने कहा- मैं अपनी पूरी जिंदगी भारत में रही थी, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मेरी जिंदगी मुझे किसी नए सफर की तरफ बुला रही है.

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सना ने माना कि भारत छोड़ना आसान नहीं था. उन्होंने कहा- परिवार और दोस्तों से दूर जाना मेरी सोच से भी ज्यादा मुश्किल निकला. मुझे पता था कि इससे मेरा करियर भी प्रभावित होगा, लेकिन मैंने पहले ही खुद को इसके लिए तैयार कर लिया था.

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सना ने बताया कि नए देश में जाकर सबकुछ फिर से शुरू करना आसान नहीं था. उन्होंने कहा- जब कोई आपकी पुरानी पहचान नहीं जानता, तो शुरुआत करना मुश्किल जरूर होता है, लेकिन वहीं आपको ये समझ आता है कि आप असल में क्या बनना चाहते हैं.

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सना के मुताबिक उनके पति पहले से ही लॉस एंजेलिस में रहते थे, इसलिए नई जिंदगी शुरू करना थोड़ा आसान हो गया. उन्होंने बताया कि दोनों ने मिलकर 'Beyond Magic Studios' नाम की अपनी प्रोडक्शन कंपनी शुरू की है. सना ने कहा- मैंने अपने सबसे अच्छे दोस्त से शादी की है. अब उसी के साथ मिलकर वही काम कर रही हूं, जिससे मुझे सबसे ज्यादा प्यार है.

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हाल ही में सना ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि वह बुलिमिया (Bulimia) नाम की ईटिंग डिसऑर्डर से जूझ चुकी हैं. उन्होंने कहा- बचपन में मुझे पता ही नहीं था कि बुलिमिया क्या होता है. मुझे लगता था कि ये सिर्फ मेरी एक बुरी आदत है, जिससे मुझे अकेले ही लड़ना है.

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सना ने बताया कि करीब 6 साल तक उन्हें अपनी बीमारी का नाम तक नहीं पता था. बाद में एक किताब पढ़ने के बाद उन्हें समझ आया कि आखिर वह किस समस्या से जूझ रही हैं. उन्होंने कहा- यहीं से मेरी असली रिकवरी शुरू हुई और पूरी तरह ठीक होने में करीब 4 साल लग गए.

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सना ने बताया कि कॉलेज के दिनों में हर तरफ सिर्फ वजन घटाने की बातें होती थीं. उन्होंने कहा- वो जीरो फिगर का दौर था. हर कोई डाइट पर था, गूगल पर नई-नई डाइट्स खोज रहा था और बस पतला दिखने की होड़ लगी थी. किसी को ये फर्क नहीं पड़ता था कि आप हेल्दी हैं या नहीं.

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सना ने बताया कि उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया, जब उन्होंने अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू किया. उन्होंने कहा- मैंने खुद से कहा कि अगर मेरी शादी हुई, तो मैं अपने पति के साथ डिनर भी एंजॉय नहीं कर पाऊंगी अगर मैं हमेशा खाने की चिंता करती रहूं. अगर भविष्य में मेरे बच्चे हुए, तो मैं नहीं चाहती थी कि ये परेशानी उन तक पहुंचे. तभी मैंने फैसला किया कि सबसे पहले खुद को ठीक करना है.

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सना का कहना है कि अगर उनकी कहानी किसी एक इंसान की भी मदद कर सके, तो उन्हें लगेगा कि उन्होंने सही फैसला लिया. उनके मुताबिक- अगर मेरी कहानी पढ़कर किसी को लगे कि वह अकेला नहीं है, तो मेरे लिए इससे बड़ी बात कोई नहीं होगी.

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