एक वक्त था जब बॉलीवुड में करिश्मा कपूर, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा जैसे सितारों का जलवा था. उसी दौर में एक ऐसी एक्ट्रेस ने भी एंट्री की थी, जिसने कम फिल्मों में काम करके भी अपनी अलग पहचान बना ली. हम बात कर रहे हैं पेरिजाद जोराबियन की, जिन्होंने अमिताभ बच्चन, ओम पुरी और शबाना आजमी जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन शेयर की, लेकिन फिर अचानक फिल्मों को अलविदा कह दिया.
मुंबई के एक ईरानी परिवार में जन्मीं पेरिजाद बचपन से ही अपने पिता की तरह बिजनेसवुमन बनना चाहती थीं. उन्होंने भारत में पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूयॉर्क से MBA किया. वहीं एक दोस्त के जरिए उन्हें एक्टिंग और थिएटर की दुनिया से भी लगाव हुआ और उन्होंने एक साल तक एक्टिंग की ट्रेनिंग ली.
भारत लौटने के बाद पेरिजाद अपने पिता के पोल्ट्री बिजनेस में हाथ बंटाने लगीं. लेकिन किस्मत उन्हें कहीं और ले जाने वाली थी. एक फैमिली फंक्शन में मॉडल कोऑर्डिनेटर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें फेयर एंड लवली का विज्ञापन मिल गया. यहीं से ग्लैमर वर्ल्ड के दरवाजे उनके लिए खुल गए.
पहले विज्ञापन के बाद पेरिजाद को नागेश कुकुनूर की फिल्म 'बॉलीवुड कॉलिंग' मिली. उस समय अंग्रेजी भाषा की भारतीय फिल्में नया ट्रेंड बन रही थीं और पेरिजाद इस स्पेस का जाना-पहचाना चेहरा बन गईं. फिल्म रिलीज हुई तो रातोंरात उनकी पहचान बन गई.
इसके बाद Joggers Park, Morning Raga, Mumbai Matinee और Ek Ajnabee जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी को भी खूब पसंद किया गया. हालांकि पेरिजाद हमेशा जानती थीं कि वो मेनस्ट्रीम बॉलीवुड स्टार नहीं हैं. खुद उन्होंने कहा था कि उन्हें कभी करिश्मा कपूर जैसी स्टारडम नहीं मिली.
दिलचस्प बात ये है कि एक्टिंग के साथ-साथ पेरिजाद अपने पिता के बिजनेस में भी पूरी तरह एक्टिव थीं. आखिरकार उनके पिता ने उनसे कहा कि उन्हें फिल्मों और बिजनेस में से किसी एक को चुनना होगा. उस समय पेरिजाद ने एक्टिंग को चुना और परिवार ने उनका पूरा साथ दिया.
33 साल की उम्र में पेरिजाद ने शादी कर ली. शादी के बाद उनके पति ने सिर्फ इतना कहा कि वो चाहेंगे कि पेरिजाद ज्यादा ट्रैवल न करें. इसी दौरान पेरिजाद मां भी बनना चाहती थीं. ऐसे में उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला किया और कई बड़े ऑफर्स ठुकरा दिए.
कम लोग जानते हैं कि पेरिजाद को सुभाष घई की फिल्म Black & White और निखिल आडवाणी की Salaam-E-Ishq का भी ऑफर मिला था. लेकिन उन्होंने परिवार को प्रायोरिटी देते हुए दोनों फिल्मों को ना कह दिया. इसके बाद उन्होंने अपने दो बच्चों की परवरिश पर ध्यान दिया.
फिल्मों से दूर होने के बावजूद पेरिजाद ने खुद को कभी नहीं रोका. उन्होंने थिएटर और टीवी में काम जारी रखा. एक नाटक के दौरान जब 1100 लोगों ने खड़े होकर उनके लिए तालियां बजाईं, तो वो पल उनके करियर के सबसे खास पलों में से एक बन गया.
आज पेरिजाद जोराबियन अपने पिता के बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा चुकी हैं. कभी कर्ज में डूबा ये कारोबार अब 120 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर वाली कंपनी बन चुका है. कंपनी में करीब 700 लोग काम करते हैं. पेरिजाद फिलहाल एक्टिंग में वापसी की जल्दी में नहीं हैं, लेकिन अगर कोई दमदार और खास रोल मिला तो वो दोबारा पर्दे पर लौटने के लिए तैयार होंगी.