उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी ने वर्तमान सांसद एसटी हसन का टिकट काटकर रुचि वीरा को उम्मीदवार बनाया है. जिसकी वजह से एसटी हसन काफी नाराज हैं. उन्होंने पार्टी प्रत्याशी रुचि वीरा के लिए चुनाव प्रचार करने से साफ मना कर दिया. इस बीच मुरादाबाद में सपा मुखिया अखिलेश यादव की रैली है. इसको लेकर उन्होंने कहा कि वो अखिलेश जी के सम्मान में तो जा सकते हैं, लेकिन रुचि वीरा का प्रचार नहीं करेंगे.
सपा सांसद ने कहा, "अगर अखिलेश यादव जी मुझे बुलाते या मेरे घर आते तो जाहिर है कि मेरी तहजीब मजबूर करेगी कि मैं उनके साथ जाऊं. मेरे नेता हैं, मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं और उनसे प्यार करता हूं."
एसटी हसन ने कहा कि रुचि वीरा ने उनसे प्रचार करने के लिए नहीं कहा है. मैं अखिलेश जी के सम्मान में जा सकता हूं, प्रचार में नहीं जाऊंगा. जनता को सब मालूम है क्योंकि जनता खुद दुखी है. अगर मैं प्रचार में खड़ा हो जाता हूं तो वो सारी जनता मेरे खिलाफ हो जाएगी. जो मेरी वजह से दुखी है. जो मेरी वजह से आज कंफ्यूज है कि क्या करें.
रुचि वीरा नहीं आईं मिलने: हसन
उन्होंने बताया, "रुचि वीरा भी नहीं आईं और न ही उनका कॉल आया. अब बहुत देर हो चुकी है. अब चुनाव में दिन ही कितने रह गए. चुनाव सिर छुकाकर जमीन पर देखते हुए लड़ा जाता है. घमंड या ईगो से चुनाव नहीं लड़ा जाता. जनता सब देख रही है और चुनाव में जनता बहुत ऑब्जर्व करती है फिर फैसला लेती है."
रुचि वीरा का प्रचार करने से इनकार
बता दें कि मुरादाबाद में प्रत्याशी तय करने में समाजवादी पार्टी को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. पहले वर्तमान सांसद एसटी हसन को टिकट दी गई थी, लेकिन बाद में रुचि वीरा को प्रत्याशी बना दिया गया. हालांकि जबसे एसटी हसन ने रुचि वीरा के खिलाफ मोर्चा खोला है, तबसे मुस्लिम बाहुल्य इलाके में उनका विरोध हो रहा है. एसटी हसन ने रुचि वीरा का प्रचार करने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उन्हें कहीं और भेजेगी तो वो चले जाएंगे.
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