उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है. बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने की कवायद में है, तो सपा अपनी वापसी के लिए बेताब है. ऐसे में 2027 का चुनाव बीजेपी और सपा दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है. बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने यूपी चुनाव को बेहद कांटे की टक्कर बताया है.
संजीव बालियान ने यूपी तक के पॉडकास्ट में बात करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल को उत्तर प्रदेश के चप्पे-चप्पे और जातिगत समीकरणों की जितनी गहरी समझ है, उतनी किसी और को बनने में कई साल लग जाएंगे.
संजीव बालियान ने उम्मीद जताई कि 2027 के चुनाव में पार्टी को इन दोनों बड़े नेताओं के अनुभव का पूरा लाभ मिलेगा. उन्होंने साफ कहा कि अगर ये दोनों नेता यूपी चुनाव की कमान संभालते हैं, तो बीजेपी के लिए जीत की राह बेहद आसान हो जाएगी.
यूपी चुनाव को कांटे की टक्कर मान रहे बालियान
2014 से 2022 तक यूपी में बीजेपी के लगातार शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए संजीव बालियान ने कहा कि प्रदेश को जितनी अच्छी तरह से सुनील बंसल और अमित शाह जानते हैं, उतना जानने में किसी और को कई साल लगेंगे. उन्हें एक-एक गांव, एक-एक कार्यकर्ता और जातिगत समीकरणों का पता है. किसे कब लाना है, किसे समझाना है और किसे मनाना है, वे इसे बखूबी समझते हैं. अगर वे चुनाव संभाल रहे हों, तो हम यह नहीं कहते कि कांटे की टक्कर है, तब तो बीजेपी बहुत आगे होती.
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बालियान ने कहा कि सिर्फ वे ही नहीं, बल्कि बीजेपी का आम कार्यकर्ता भी यही उम्मीद लगाए बैठा है कि चुनाव से पहले ये दोनों नेता यूपी के चुनावी मोर्चे पर पूरी तरह सक्रिय हों. उन्होंने कहा कि इन दोनों के अनुभव का लाभ निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा; हम तो सिर्फ उम्मीद ही कर सकते हैं. शाह और बंसल से बेहतर यूपी को कोई दूसरा नहीं समझता. अगर वे चुनाव संभाल रहे होते, तो सूबे की तस्वीर अलग ही होती.
अमित शाह की चुनावी रणनीति का सुनाया किस्सा
अमित शाह के काम करने के तरीके की तारीफ करते हुए संजीव बालियान ने 2017 के चुनाव के समय का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि चौधरी वीरेंद्र सिंह के घर पर जाट नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक रखी गई थी. बैठक से ठीक पहले स्थानीय नेताओं में आपसी झगड़ा और गतिरोध पैदा हो गया था, जिसे संजीव बालियान ने अपनी जिम्मेदारी पर शांत कराया और अमित शाह को बुलाया था.
संजीव बालियान ने बताया कि अमित शाह ने आते ही सभी के मोबाइल फोन बंद करवा दिए और गुप्त रणनीति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि अमित शाह की अपनी एक खास रणनीति होती है. उन्हें बखूबी पता होता है कि किस समय कौन-सी बात बाहर आनी चाहिए और कब किसे बुलाना है. उनके जैसी चुनावी रणनीति किसी और की हो ही नहीं सकती.
'हम तो बीजेपी की बुलंदी की उम्मीद करेंगे'
2027 के चुनाव की चुनौतियों पर बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक अनुशासित कार्यकर्ता के नाते उनका एकमात्र मकसद बीजेपी को मजबूत देखना है. उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शीर्ष नेतृत्व पहले ही मैदान में उतर चुका है और जल्द ही अन्य वरिष्ठ नेता भी पूरी ताकत से कमान संभालेंगे.
साथ ही अपने राजनीतिक भविष्य पर बालियान ने एक बार फिर दोहराया कि उनका लखनऊ (राज्य) की राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है और वे केंद्र की राजनीति में ही सहज महसूस करते हैं. उन्होंने साफ किया कि वे 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे.
कुमार अभिषेक