'पंजाब जलाना चाहते हैं', सुखबीर पर हमले को AAP-कांग्रेस ने बेअदबी से जोड़ा, भड़के अकाली

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले ने सियासत तेज कर दिया है. सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को बेअदबी से जोड़कर अकालियों को भड़का दिया है. अकाली दल ने कहा है कि इस नैरेटिव से पार्टियां पंजाब जलाना चाहती हैं.

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सुखबीर बादल पर हमला करने वाली की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है (Photo- ITG) सुखबीर बादल पर हमला करने वाली की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है (Photo- ITG)

असीम बस्सी

  • चंडीगढ़,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:44 PM IST

महाराष्ट्र के नांदेड साहिब में पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर हमले के बाद चुनावी राज्य पंजाब की सियासत गर्म हो गई है. इस हमले को सुरक्षा में भारी चूक बताते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री और सुखबीर बादल के साले बिक्रम मजीठिया ने कहा, "यह सुरक्षा में पूरी तरह से चूक है और दो साल से भी कम समय में सुखबीर बादल पर यह दूसरा हमला है."

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पंजाब में अगले साल चुनाव होने वाले हैं. 

बिक्रम मजीठिया ने कहा है कि पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति हैं और उन पर हुआ यह हमला एक गहरी साजिश है.  और वे इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं.

मजीठिया ने आगे कहा कि इससे पहले भी 2024 में गोल्डन टेंपल में आतंकवादी नारायण चौड़ा ने सुखबीर बादल पर हमला किया था. लेकिन पंजाब पुलिस ने उस मामले में कुछ नहीं किया. 

CBI जांच की मांग

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने इस मामले में CBI जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग करते हैं क्योंकि कड़ी सुरक्षा वाले व्यक्ति पर तब हमला हुआ जब वे अपने परिवार के साथ धार्मिक स्थल पर गए थे. ऐसे हमले बार-बार हो रहे हैं और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी. 

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कांग्रेस-AAP ने उठाया बेअदबी का मुद्दा 

कांग्रेस और AAP ने इस हमले की निंदा की. लेकिन दोनों ही पार्टियों ने 'धार्मिक अपमान का मुद्दा' भी उठाया. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस, दोनों ने सुखबीर बादल पर हुए हमले की निंदा तो की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि लोग 2015 में शिरोमणि अकाली दल की सरकार के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं को भूले नहीं हैं. 

AAP के जनरल सेक्रेटरी बलतेज पन्नू ने कहा, "हम सुखबीर बादल पर हुए हमले की निंदा करते हैं, लेकिन लोग 2015 में शिरोमणि अकाली दल की सरकार के दौरान हुई धार्मिक अपमान की घटनाओं को भूले नहीं हैं."

इसी तरह पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने X हैंडल पर पोस्ट किया, "सिख संगत में बहबल कलां और बरगारी में धार्मिक अपमान, 2015 में पुलिस फायरिंग, धार्मिक बेअदबी के मामलों में न्याय में देरी और कई अन्य अनसुलझे मुद्दों को लेकर जायज़ गुस्सा है. अकाली दल द्वारा इन मामलों को संभालने के तरीके से भी गहरी निराशा है."

हालांकि उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक गुस्से को हिंसा का आधार नहीं बनाया जा सकता. नांदेड़ साहिब में सुखबीर बादल पर हुआ हमला निंदनीय है. उन्होंने कहा कि न्याय जवाबदेही और लोकतंत्र के ज़रिए मिलना चाहिए, न कि हिंसा से."

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'नैरेटिव से पंजाब जलाना चाहते हैं'

अकाली दल ने AAP-कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि वे पंजाब को जलाना चाहते हैं. शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा, "यह हैरानी की बात है कि एक तरफ तो ये दोनों पार्टियां हमले की निंदा कर रही हैं और दूसरी तरफ ऐसे बयान दे रही हैं. क्या वे पंजाब को जलाना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि देश के एक बड़े नेता पर हमला हुआ है और ये पार्टियां एक अलग नैरेटिव बनाना चाहती हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं CBI जांच या हाई कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करता हूं."

बता दें कि नांदेड साहिब में पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर हुए हमले के बाद उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. एक स्थानीय अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. 

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